
आनन्द मणि त्रिपाठी/गजेन्द्रसिंह दहिया/पोकरण रेंज।
कश्मीर में पुलवामा हमले को 48 घंटे बीते ही थे कि भारतीय सेना ने पोकरण में रण सजा दिया। 100 मीटर से भी कम लंबाई पर लैंडिंग, आकाश मिसाइल से आसमानी दुश्मन और रूद्र हेली कॉप्टर से जमीनी दुश्मन को बर्बाद कर दुश्मनों को अपना दम दिखा दिया। चांदन फायरिंग रेंज में सजे इस रण में नापाक हरकत करने वाले दुश्मनों को बता दिया कि हर हरकत का जबाब दिया जाएगा। बस हमें राजनीतिक इशारे की जरूरत है।
वायुसेना अध्यक्ष चीफ एयरमार्शल बीएस धनोआ ने संबोधित करते हुए कहा कि पॉलिटिकल लीडरशिप जो भी जिम्मेदारी देगी उसे अच्छी तरह निभाने के लिए एयरफोर्स पूरी तरह तैयार है।
हम हर मिशन को पूरा करने में सबसे आगे रहेंगे। आपको बता दें हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा था कि सेना को खुली छूट है और हमारे पास सारे विकल्प खुले हैं। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सैन्य आॅपरेशन पर भी विचार किया जा रहा है।
'वायुशक्ति-2019' में सुखोई-30, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर, मिग-27 जैसे फ्रंटलाइन फाइटर एयक्राफ्ट्स सहित 137 युद्धक और गैर युद्धक विमानों ने ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।‘वायुशक्ति’ में स्वदेशी हथियारों की ताकत भी दुनिया को दिखाई। इस अभ्यास में वायुसेना ने सुबह,शाम और रात के युद्ध की अपनी क्षमता को भी परखा।
इसे देखने के लिए वायुसेना के मानद रैंक सम्मानित सचिन तेंदुलकर भी पोकरण पहुंचे।
आपको बता दें कि वायुसेना अपने हमला करने वाली ताकत का परीक्षण हर तीन साल में एक बार करती है। 1953 से 1989 तक ये प्रदर्शन दिल्ली के पास तिलपत रेंज में होता रहा, जिसे बाद में पोकरण में किया जाने लगा। 1989 के बाद यह लगातार पोकरण में ही हो रहा है।
Updated on:
16 Feb 2019 11:11 pm
Published on:
16 Feb 2019 09:37 pm
