
SOG will now investigate the firing incidents of Jodhpur
जोधपुर शहर में पिछले सात माह से फायरिंग की आठ घटनाओं में जोधपुर पुलिस पूरी तरह फेल रही। सभी वारदातें रंगदारी के लिए हुई। लॉरेंस गैंग ने जमकर आतंक मचाया। लॉरेस गैंग के गुर्गें पकड़े गए तो हरेन्द्र सक्रिय हो गया। हरेन्द्र जोधपुर पुलिस को लगातार चकमा दे फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। कैलाश मांजू डेढ़ साल से फरार है। जब जोधपुर पुलिस वारदातों को खोलने में नाकम रही, तो आखिरकार सोमवार रात डीजीपी ने एसओजी का यह मामला सौंपा। रात में एसओजी एडीजी उमेश मिश्रा व आईजी दिनेश एमएन जोधपुर पहुंचे। अधिकारियों ने उनकी अगुवाई की। आठ माह पूर्व ही पुलिस चेत जाती तो शायद वासुदेव की जान बच जाती। दिनभर यहीं चर्चाएं चलती रहीं। एसओजी ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की टीमें बनाई, हर पहलू से जांच
सूत्रों की मानें तो यह वारदात खोलना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। लगातार पुलिस व राज्य सरकार पर उठ रहे सवालों के बार एसओजी को कमान सौंपी गई है। पुलिस ने इस वारदात को खोलने के लिए टीमें बनाई है। एसओजी की निगरानी में ये टीमें काम करेगी। हर पहलू से इस प्रकरण की जांच की जाएगी।
परिवार में शोक व गुस्सा
वासुदेव के परिवार में दिनभर शोक का माहौल रहा। सरदारपुरा रोड स्थित मकान पर लोगों की आवाजाही रही। उसका पुत्र अनिल दिनभर जलजोग चौराहे पर धरने पर रहा। पत्नी, पुत्री व भाई घर में विलाप करते रहे। उनमें गुस्सा था कि पुलिस को सबकुछ बताने के बावजूद वे परिवार के मुखिया को खो बैठे। पुत्र अनिल व भाई मनोज ने बताया कि पुलिस गंभीरता बरतती तो शायद ऐसा नहीं होता।
आरोपी हरेन्द्र पर ही शक की सुई
पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे व शहर पुलिस के वांटेड हरेन्द्र चौधरी पर इस वारदात को लेकर संदेह जताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों की माने तो सीसीटीवी फुटेज में जो युवक दिख रहा है, उसका हुलिया हरेन्द्र जैसा है। हरेन्द्र ने कई बार वासुदेव को धमकाया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। एसओजी अब हरेन्द्र व उसके साथ वाले युवकों के बारे में पता करेगी। कैलाश मांजू पर भी संदेह जताया जा रहा है। जोधपुर पुलिस पिछले दो मार्च से हरेन्द्र उर्फ हीरा को पकडऩे का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस ने गृहमंत्री से मांगा इस्तीफा
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शास्त्रीनगर जोधपुर के प्रतिनिधिमण्डल ने ब्लॉक अध्यक्ष ओमकार वर्मा के नेतृत्व में राज्यपाल को संभागीय आयुक्त के माध्यम से ज्ञापन भेजकर हमलावरों को गिरफ्तार करने व शहर में पुलिस की माकूल व्यवस्था करने की मांग की। ज्ञापन में मांग की गई कि जोधपुर में गृहमंत्री के होते हुए भी गोलीकांड जैसे अपराध हो रहे हैं। मानवीयता के नाते गृह मंत्री को बर्खास्त किया जाए या गृहमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में रमेश बोराणा, सुपारस भंडारी, पुनित जांगू, विक्रमसिंह, लियाकत अली रंगरेज, तेजराज शर्मा, ओमकार वर्मा, दौलत सांखला, सुयोग काबरा, राम जे देवानी, रेखा लोहिया, कुन्ती देवडा, विजयलक्ष्मी पटेल, गीता बरवड़, शशिकांता जोशी, हेमलता बोराणा सहित अनेक पदाधिकारी शामिल थे।
Published on:
19 Sept 2017 01:13 pm
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