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जिस ‘अमृत’ पर वोट मांगे जाते हैं, पीने के लिए भी पर्याप्त नहीं मिल रहा

- जोधपुर जिले के लिए स्वीकृत पानी का दो तिहाई ही मिल रहा - अब जो नए गांव जुड़ेंगे उनको पानी देना सिर्फ कागजी
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जिस ‘अमृत’ पर वोट मांगे जाते हैं, पीने के लिए भी पर्याप्त नहीं मिल रहा

अविनाश केवलिया/ जोधपुर.

चुनावी सीजन में हर बार जो मुद्दा बनता है वह है पेयजल। राजीव गांधी लिफ्ट केनाल से गांवों को जोडऩे के वादे कर कई नेताओं ने वोट बटोरे। दावा तो यह भी है कि जिले के 90 प्रतिशत हिस्से को जोडऩे के लिए काम चल रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि अभी जो पानी केनाल के जरिए मिल रहा है वह जिले के दो तिहाई हिस्से को ही बमुश्किल पिलाया जा सकता है।
प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में पिछले कई माह से पानी की कमी के कारण 24-24 घंटे का शटडाउन लेना पड़ रहा है। गांव जो कि केनाल से जोड़ दिए गए, वहां भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। चिंताजनक यह है कि जब ऐसे गांवों जिनको जोडऩे का काम कुछ ही माह में पूरा हो जाएगा, उनको देने के लिए पानी ही नहीं है। जिले को जितने पानी की आवश्यकता है उससे एक तिहाई पानी कम मिल रहा है। इसी कारण जो 500 गांव केनाल से जुडऩे प्रस्तावित हैं, उनको पेयजल सप्लाई करना भी एक चुनौती बना हुआ है।

दावा - 350 क्यूसेक पानी करीब 1750 गांवों के लिए वर्ष 2021 तक पर्याप्त है।

वर्तमान स्थिति - 240 क्यूसेक पानी ही मिल रहा। जो 1260 जुड़े हुए गांवों में भी बमुश्किल सप्लाई हो रहा।

संकट - 110 क्यूसेक प्रतिदिन पानी कम मिल रहा। अब जो गांव जुड़ेंगे उनमें पानी पहुंचाने में संकट है।

समाधान - स्वीकृत पानी यानि 350 क्यूसेक पूरा मिले। क्षतिग्रस्त केनाल की मरम्मत समय पर हो और बचे हुए गांवों के लिए अतिरिक्त 50 क्यूसेक पानी की स्वीकृति दी जाए।

सिर्फ प्रोजेक्ट पूरा करने से कुछ नहीं होगा

धरातल पर 1260 गांव जोड़ दिए गए हैं। आगामी समय में 500 गांवों को जोडऩे के दावे कागजों में किए जा रहे हैं। लेकिन यहां पर्याप्त पानी पहुंचाने की कोई योजना नहीं है। जो 350 क्यूसेक पानी जोधपुर जिले के लिए स्वीकृत है। यदि वह पूरा मिले तो 1760 गांवों को पूरा पानी मिल सकता है। लेकिन वर्तमान हालात यह है कि 110 क्यूसेक पानी कम मिल रहा है।

इन गांवों को इनकार किया

जिले के 60-70 गांवों को जोडऩे के लिए एक प्रोजेक्ट बनाकर सरकार को भेजा गया था। लेकिन सरकार ने इस पूरे प्रोजेक्ट को रोक दिया है। 350 क्यूसेक जो वर्तमान स्वीकृत पानी है, उसे बढ़ाने के बाद ही इन गांवों को जोडऩे की स्वीकृति मिल सकेगी।

ऐसे समझिए पानी का गणित

- 350 क्यूसेक पानी प्रतिदिन स्वीकृत है जोधपुर जिले के लिए।

- 299 क्यूसेक पानी की क्षमता है फिलहाल केनाल की।

- 240 क्यूसेक पानी वर्तमान में मिल रहा है जिले में सप्लाई के लिए।

- 1838 कुल गांव हैं जिले में।

- 1260 गांव फिलहाल जुड़ चुके हैं केनाल से।

- करीब 500 गांवों को जोडऩे का काम चल रहा है।

- 110 क्यूसेक पानी की आवश्यकता होगी 500 गांवों को जोडऩे के लिए (जो अभी कम मिल रहा है)

- 60-70 गांव जो वंचित हैं उनको जोडऩे से सरकार ने इनकार कर दिया है।

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1260 गांव हम जोड़ चुके हैं। कई गांवों में काम चल रहा है। अभी कोई नई स्वीकृति नहीं मिली है।

- जयसिंह चौधरी, मुख्य अभियंता (अतिरिक्त प्रभार), प्रोजेक्ट, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जोधपुर।