
जोधपुर। प्रशांत महासागर में बनी विशेष मौसमी परिस्थिति अलनीनो सहित अन्य कारणों से मानसून कमजोर हो गया है। पूरे अगस्त में देशभर के अधिकांश हिस्सों में सूखा रहा। जोधपुर में केवल एक दिन 20 अगस्त को 19 मिलीमीटर बारिश हुई थी। अगस्त के अब केवल दो दिन बचे हैं और बारिश के आसार नहीं है। मंगलवार को ही भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करके अगले एक सप्ताह तक शुष्क मौसमी परिस्थितियां बनी रहने की बात कही है यानी अगस्त लगभग पूरा सूखा गया। सितम्बर महीने में भी कोई खास उम्मीद नहीं है। अगले महीने के दूसरे पखवाड़े में मानसून का लौटना शुरू होगा और इसकी शुरुआत भी पश्चिमी राजस्थान से ही होगी।
अगस्त महीने का औसत 113 मिमी बारिश
शहर में अगस्त में औसतन बारिश के दिन 5.9 होते हैं, जबकि बारिश का औसत 113.5 मिलीमीटर है। इस साल केवल एक ही दिन वह भी सिर्फ 19 मिमी बरसात हुई है। शहर में मानसून काल में सर्वाधिक बारिश का औसत जुलाई में 119.7 मिमी है। इस साल जुलाई में तो अच्छी बारिश हुई थी।
अभी भी 14 प्रतिशत अधिक बारिश
इस साल जून-जुलाई में प्रदेश में भारी बारिश के कारण अगस्त में कम बरसात होने के बावजूद बारिश का आधिक्य बना हुआ है। एक जून से लेकर 29 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का औसत 364.5 मिमी है जबकि अब तक 416.2 मिमी बारिश हो चुकी है यानी 14 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
प्रदेश के 33 में से 15 जिलों में औसत से कम बारिश
मौसम विभाग वर्तमान में प्रदेश में 33 जिले ही मानता है। मंगलवार तक के डाटा के अनुसार 33 में से 15 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है। इसमें 13 जिले पूर्वी राजस्थान के है। पश्चिमी राजस्थान में केवल चूरू और हनुमानगढ़ में ही औसत से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।
Published on:
30 Aug 2023 08:08 am
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