पुलिस के अनुसार गत जुलाई में नाबालिग चचेरी बहनें घर से निकलकर बीकानेर पहुंच गईं थी, जहां से उन्हें जयपुर व अन्य शहरों में ले जाया गया था। पीपाड़ शहर थाने में दो जुलाई को दोनों के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने पंजाब के अंबाला रेलवे स्टेशन से दोनों बहनों को दस्तयाब किया था। पूछताछ के बाद बहला-फुसलाकर भगाने के साथ अपहरण, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार व पोक्सो की धाराएं जोड़ी गईं थी। दो जुलाई को घर से निकलने के बाद दोनों नाबालिग बीकानेर व सूरतगढ़ पहुंची थी। नौ जुलाई को जयपुर चली गईं, जहां से आरोपी अशोक दोनों को एसएमएस अस्पताल रोड पर बर्खास्त मंत्री राजेन्द्रसिंह गुढ़ा के सरकारी बंगले ले गया था। चूरू जिले में कसुम्बी निवासी हिस्ट्रीशीटर बंगले पर मौजूद था और उसने बंगले के केयर टेकर गजेन्द्रसिंह की मदद से दोनों नाबालिगों को गेस्ट रूम में रुकवा दिया था। दो दिन बाद हिस्ट्रीशीटर व केयर टेकर ने नाबालिगों व आरोपी को वहां से निकाल दिया था। मामला उजागर होने के बाद हिस्ट्रीशीटर फरार है। वहीं, पुलिस बर्खास्त मंत्री राजेन्द्रसिंह गुढ़ा व बंगले के केयर टेकर से पूछताछ करेगी।