
CG News: रावघाट परियोजना में मजदूरों को दो सौ रुपये देने का विरोध करने पर संबंधित ठेकेदार ने सरपंच भैंसगाव को धमकाया। हराईनार मुरमीकरण में मजदूरों को दो सौ रुपये दिये जाने की शिकायत पर कोई जिम्मेदार अधिकारी जांच करने नहीं पहुंचा। विधायक विक्रम उसेंडी एवं एसडीएम अन्तागढ को मजदूरों ने शिकायत की थी।
रावघाट परियोजना अंतर्गत प्रभावित गांव में मूलभूत कार्यों के निर्माण के लिए भिलाई स्टील प्लांट द्वारा दी गई राशि का इको डवलपमेंट के नाम से वन विभाग कार्य एजेंसी ने ठेकेदार के साथ मिलकर मजदूरों के हक की कमाई को भी नहीं छोड़ा। मजदूरों से कराया जाने वाले कार्य मशीन से कराया और मजदूरी में भी डाका डाल दिया।
वन विभाग द्वारा इको डवलपमेंट के कार्य आतुरबेडा से हराईनार में दो सौ रुपए मजदूरी दी गई थी जिसका क्षेत्र के सरपंच ने विरोध किया था। मजदूरी कम देने का विरोध करने पर ठेकेदार ने सरपंच भैंसगाव को फोन से आरटीआई लगाकर क्या क्या किये हो सब निकल जायेगा। सरपंच है तो नारायणपुर में आना जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर धमकाया था। जिसका आडियो सरपंच भैंसगाव के पास है।
वन विभाग द्वारा इको डवलपमेंट कार्य में मजदूरों को दो सौ रुपये देने की शिकायत पूर्व कलेक्टर प्रियंका शुक्ला से की थी। वर्तमान कलेक्टर को रावघाट परियोजना के लिए झाड़ कटाई को लेकर थाना परिसर में हुई बैठक में भी शिकायत की गई थी।
आतुरबेडा से हराईनार, आतुरबेडा से घोटिया एवं घोटिया से गवाडी मुरमीकरण कार्य में नारायणपुर के ठेकेदार सिर्फ मुरूम खोदने के कार्य के लिए अधिकृत था लेकिन ठेकेदार ने मुरूम की खुदाई के अलावा ढुलाई परिवहन और डोजर से मुरूम को बिछाने का काम किया। जबकि ट्रैक्टर में मुरुम लोडिंग और बिछाई का कार्य भी डोजर से करा दिया तो इको डवलपमेंट कार्य की एजेंसी वन विभाग के लोगों ने क्या किया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी अन्तागढ़ का कहना है पूरा काम ठेकेदार ने किया और नारायणपुर के ठेकेदार का कहना है मुझे सिर्फ खुदाई का काम मिला था। अधिकारियों के कहने पर मैंने बाकी काम किया उसका क्या मस्टरोल व्हाऊचर कितने का मजदूरों के नाम से बनाया वन विभाग के लोगों ने मुझे मालूम नहीं। मैं मशीन से मुरुम खुदाई का पैसा लिया बाकी मैं नहीं जानता।
ठेकेदार नारायणपुर सुकरू निषाद ने कहा मैंने मुरमीकरण कार्य किया। मजदूरों को मशीन देखरेख और सड़क सफाई के लिए रखा था उसका दो सौ रुपये के हिसाब से मजदूरी दिया। अधिकारी ने पूरा काम करने कहा तो मैंने पूरा काम किया। सरपंच काम में अडंगा लगा रहा था इसलिए फोन पर आरटीआई लगाने की और नारायणपुर आने की बात बोला था।
CG News: सरपंच भैंसगाव सोनूराम उसेंडी ने कहा मेरे द्वारा इको डवलपमेंट के कार्य में दो सौ रुपये मजदूरी देने का विरोध करने पर मुझे नारायणपुर के ठेकेदार ने धमकाया था। जबकि वन विभाग की मजदूरी दर 337 रूपये है। 72 लाख के मुरमीकरण कार्य में मजदूरों को दो सौ रुपये मजदूरी दिया गया है। मुझे ना वन विभाग, ना ठेकेदार ने सूचना दिया जबकि सरपंच और गांव के लोगों ने इको डवलपमेंट कार्य योजना बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाई थी।
Published on:
04 Dec 2024 01:39 pm
बड़ी खबरें
View Allकांकेर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
