
नंदलाल हत्याकांड: चार साल से इंसाफ के लिए भटक रहा परिवार, मिल रही सिर्फ तारीके
कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नंदलाल शिक्षक हत्याकांड का मामला अब और धीरे-धीरे तूल पकडऩे लगा है। सूत्रों की माने तो अब इस मामले में जुड़े कुछ सफेदपोश से पूछताछ की जाएगीं। वहीं जरुरत पडऩे पर ब्रेन मेंपिग व नार्को की जांच करवाई जाएगीं। इस कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारी उच्च अधिकारी के मार्गदर्शन व दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे है।
विदित हो कि तीन संदेहियों को सप्ताह भर पहले बे्रन मेपिंग के लिए गुजरात गांधीनगर ले जाया गया था। इन तीनों से कुछ सुराग मिलने की बात कही जा रही है। हालांकि अब तक जांच रिपोर्ट पुलिस टीम के पास नही पहुंचा है। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी कहानी स्पस्ट हो जाएगा।
शिक्षक नंदलाल हत्याकांड को लेकर पुलिस टीम लगातार जांच कर रही है। पुलिस की टीम एक बार फिर संदेह के आधार पर रविशंकर नेताम, विश्वनाथ प्रताप सिंह मरार और सुरेश मंडावी को वैज्ञानिक पद्धति से जांच कराने के लिए गुजरात गांधी नगर ले गए थे। टीम ने 4 से 12 जून तक जांच करवाने के बाद वापस लौट गई है। टीम ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया जाएगा। संदेहियों को क्राइमब्रांच विक्रांत सोन, दुधावा प्रभारी भीमसेन यादव, प्रधान आरक्षक प्रेम सिंह, आरक्षक सुरेश भुआर्य, श्रवण साहू की सुरक्षा में ले गए थे।
सूत्रों की माने तो जांच के दौरान कुछ अहम सुराग मिलने की बात कही जा रही है, इस कार्रवाई के बाद अब कुछ सफेदपोश का सूची पूछताछ के लिए तैयार किया जा रहा है। जरूरत पडऩे पर इनका भी पॉलीग्राफी या ब्रेन मेपिंग करवाया जाएगा। विदित हो कि बहुचर्चित शिक्षक नंदलाल हत्याकांड के आरोपियों की तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है। वहीं, हत्याकांड के खुलासा व इसकी जानकारी देने वालों को उचित इनाम पुलिस मुख्यालय व एसपी के द्वारा भी रखा गया है। विभाग इस केस की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखने की बात कहा गया। इस मामले में पुलिस टीम लगातार जांच पर जांच करने में जुटी है। कुछ माह पहले तीन संदेहियों को पुलिस एक्सपर्ट की टीम गांधीनगर में ब्रेन मैपिंग के लिए ले गए थे। लेकिन तीनों संदेहियों के मेडिकल चेकअप में बीमारी के हालत में ब्रेन मैपिंग करने से चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए थे। टीम ने फिर से जांच कर इस मामले में संदेह के आधार पर गुजरात ले जाकर तीन लोगों का ब्रेन मेंपिग करवाया है, अब रिपोर्ट आने का इंतजार है।
यह बता दें कि हत्या के घटना के बाद चार साल में नंदलाल हत्याकांड पर लाखों खर्च करने के बाद भी पुलिस एक्सपर्ट की टीम फेल नजर आ रही है। जिला पुलिस के अधिकारी के साथ इस मामले को जांच कर रही टीम पिछले 4 वर्षों से नंदलाल के हत्यारों को पकडऩे के लिए अलग-अलग ढंग से जांच करने में लगी है। जांच के दौरान जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, वैसे-वैसे कार्रवाई की जा रही है। विदिति हो कि मई 2017 में चार संदेहियों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया था। इधर जांच टीम से नंदलाल हत्याकांड का खुलासा होने आस लगाए पीडि़त परिवार इंसाफ मांग रहा है।
कांकेर पुलिस अधीक्षक के, के एल धु्रव ने बताया कुछ संदेहियों का जांच करवाने के लिए पुलिस टीम गई थी, जो उनका जांच करवा कर वापस लौट गई है। जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। इधर विवेचना में कुछ कुछ लोगों का नाम और सामने आया है। जिनका पॉलीग्राफी व ब्रेन मेपिंग करवाया जाएगां। इस केस में उनकी पुलिस टीम युद्धस्तर पर काम कर रही है।
Published on:
16 Jun 2018 05:24 pm
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