
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण की शिकायत पर पुलिस सक्रिय हुई और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी को गिरफ्तार किया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिश्वत लेने के बाद भी समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने छात्रा का काम नहीं किया और उसे स्कॉलरशिप नहीं मिली। शिकायत के बाद हुई जांच में रिश्वत लेने की पुष्टि हुई है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र कन्नौज का है।
समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति के लिए रिश्वत: समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि समाज कल्याण विभाग का एक कर्मचारी छात्रवृत्ति देने के नाम पर रिश्वत लिया है। पुलिस की जांच में जानकारी हुई कि एक छात्रा स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था। जिसकी स्कॉलरशिप निरस्त कर दी गई थी। इस संबंध में छात्र ने समाज कल्याण में संपर्क किया तो विभागीय कर्मचारियों ने कहा कि रिश्वत दो तो तुम्हारी स्कॉलरशिप आ जाएगी। इस पर छात्र ने मार्च महीने में 8250 रुपए फोन पे के माध्यम से कर्मचारियों को रिश्वत दी। इसके बाद भी छात्र का काम नहीं हुआ।
इसके बाद छात्रा ने शिकायत की। जांच में पाया गया कि फोन पे से रुपए बाबू को ट्रांसफर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कई लोगों ने भी इसी प्रकार की शिकायत की है। पुष्टि होने के बाद कर्मचारियों के खिलाफ संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी कन्नौज अमित आनंद ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की यदि कोई रिश्वत की मांग करता है तो पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है।
Published on:
22 Jul 2024 05:47 pm
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