कानपुर देहात. समाज में हवस के भेड़ियों का प्रकोप ऐसा बढ़ रहा है कि अभी तक लड़कियां, महिलाएं यहां तक कि मासूम बच्चियां असुरक्षित महसूस कर रही थीं। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे इस अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है। युवतियों, महिलाओं के बाद ऐसे अपराधी अब घर के आंगन, दरवाजे व गलियों में खेल रहे मासूम बच्चों को अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं। इससे बच्चों का बचपन इन अपराधियों के चलते सिमटता जा रहा है। अब सवाल ये है कि आखिर ऐसे जघन्य अपराध व ऐसे कुत्सित अपराधियों पर लगाम कैसे लगेगी।