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BIG BREAKING – हैंडपंप में पानी भरने पर दंबगों ने दी सजा,दलित किशोरी बांधकर जिंदा जला डाला

मना करने पर नहीं मानी पीड़िता तो आग लगा दी, हैलट अस्पताल में एडमिट
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कानपुर

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Vinod Nigam

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Updated: 15 Apr 2018, 1:26 AM IST

मना करने पर नहीं मानी पीड़िता तो आग लगा  दी, हैलट अस्पताल में एडमिट

कानपुर। पूरा देश शनिवार को जहां बाबा भीमराव आम्बेडर की जयंती मना रहा था तो वहीं डेरापुर थानाक्षेत्र अंतर्गत बैना गांव में छूआछूत के चलते एक दलित किशोरी को केरोसिन छिड़क कर जिंदा जला डाला गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आग में झुलसी किशोरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट रेफर कर दिया। जहां पीड़िता जिंदगी और मौत की जंग लड रही है। किशोरी के पिता ने बताया कि शाम के वक्त बेटी पानी भरने के लिए हैंडपंप गई थी। वहां गांव के दबंगों ने हैंडपंप से पानी भरने से रोका, पर बेटी नहीं मानी तो उन्होंने उसे पकड़ लिया और हाथ-पैर बांधकर केरोसिल छिड़क कर आग लगा दी। इंस्पेक्टर डेरापुर ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली। फिर भी पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोष पाए जाने पर दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नहीं मानी तो लगा दी आग
बैना गांव निवासी रमेश चन्द्र संखवार की पुत्री निधि शाम करीब साढ़े 7 बजे पड़ोस में लगे सरकारी हैंडपंप पर पानी भरने गई थी। यहीं पर पड़ोस में रहने वाले रमेश के पुत्र सोनू ने उसे पानी भरने से रोका पर निधि नहीं मानी। किशोरी के परिवारवालों पर आरोप है कि सोनू ने बेटी से मारपीट की और उसकी बाल्टी फेंक दी। निधि नहीं मानी तो सोनू ने अपने भाइयों वारू व नीरज को भी बुला लिया। इसके बाद तीनों ने उसे पीटा, इसके बाद उसके दरवाजे तक उसका पीछा किया और वहीं हाथ-पैर बांधकर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। सरेशाम हुई घटना से गांव में हड़कम्प मच गया। किशोरी के परिजन खेतों की ओर गए हुए थे और घटना की जानकारी पर भागते हुए घर पहुंचे। परिजन उसे लेकर अस्पताल गए, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने कानपुर हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
आज भी जारी है भेदभाव
किशोरी के पिता ने बताया कि आजादी के सत्तर साल बीत जाने के बाद आज भी दलित समाज के साथ भेदभाव किया जा रहा है। बेटी एक बाल्टी पानी भरने गई और बदले में उसे जिंदा जला दिया गया। पिता का कहना है कि हैंडपंप में दबंगों ने कब्जा कर रखा है, जबकि वह सरकारी पैसे से लगाया गया था। लेकिन दबंग गांव के लोगों को पानी नहीं भरने देते। सिर्फ स्वजातीय लोगों को ही हैंडपंप से पानी भरने की अनुमति है। गांव में पानी की विकराल समस्या है और इसी के चलते बेटी दबंगों के घर के पास लगे हैंडपंप में पानी भरने के लिए गई। किशोरी के पिता ने कहा कि बेटी को दलित होने की सजा आरोपियों ने दी है।
कुछ इस तरह से बोले थानेदार
मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को हैलट भेजा। राजपुर एसओ ने बताया कि पानी भरने में विवाद के बाद लड़की के खुद आग लगा लेने की बात आई है। उसकी हालत गम्भीर है। अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है। आरोपियों को तलाश करा रहे हैं। जबकि पीड़िता के पिता का कहना है कि तीन युवकों ने बेटी को आग लगाई है। पुलिस पूरे प्रकरणर की जांच कर रही है। वहीं हैलट आए पीड़िता के परिजनों ने कहा कि हम आज या रविवार को तहरीर देकर मामला दर्ज कराएंगे। बेटी की हालत चिंताजनक होने के चलते हम सीधे उसे लेकर हैलट आए गए।