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कानपुर की इस विधानसभा सीट पर कांग्रेस से दावेदारों की होड़, जानिये प्रदेश अध्यक्ष का करीबी….

-कांग्रेस से गोविंद नगर सीट पर दावेदारी के लिए कई चेहरे आ रहे सामने-इस सीट पर अभी तक बीजेपी का रहा दबदबा
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कानपुर

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Arvind Kumar Verma

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Updated: 5 Aug 2021, 10:29 PM IST

कानपुर की इस विधानसभा सीट पर कांग्रेस से दावेदारों की होड़, जानिये प्रदेश अध्यक्ष का करीबी....

कानपुर की इस विधानसभा सीट पर कांग्रेस से दावेदारों की होड़, जानिये प्रदेश अध्यक्ष का करीबी....

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर पार्टियां जोर शोर से जुटी हैं। कानपुर एक समय कांग्रेस का गढ़ कहा जाता रहा है। मगर पार्टी में आपसी फूट के चलते मुकाम तक नही पहुंच सकी। वहीं कांग्रेस यूपी में हांसिए पर चली गई। लेकिन जब से कांग्रेस को राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने पार्टी की कमान संभाली है। तब से यूपी में पार्टी में जान आ गई। वहीं कई बदलाव भी हुए। मगर कानपुर में फिर से आपसी गुटबाजी दिख रही है। इसी के चलते गोविंद विधानसभा सीट पर कई दावेदार अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं। 2012 के परिसीमन में कानपुर की गोविंद नगर विधानसभा सीट अस्तित्व में आई थी। तब से यहां लगातार बीजेपी जीत रही है।

गोविंद नगर सीट से रही चुनाव की ऐसी स्थितियां

गोविंद नगर विधानसभा सीट ब्राह्मण बाहुल क्षेत्र है। 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से सत्यदेव पचौरी विधायक बने थे। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भी सत्यदेव पचौरी ने बड़े स्तर पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद सत्यदेव पचौरी को अप सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया था। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में सत्यदेव पचौरी कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को हराकर जीते थे। बाद में 2020 उपचुनाव में गोविंद नगर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने सुरेंद्र मैथानी को प्रत्याशी बनाया था और कांग्रेस से एनएसयूआई की पूर्व राष्ट्रीय महासचिव करिश्मा ठाकुर मैदान में थीं। लेकिन बीजेपी के सुरेंद्र मैथानी ने करिश्मा ठाकुर को हराकर जीत दर्ज की थी।

टिकट की दावेदारी के लिए ये चेहरे सामने

इस बार गोविंद नगर विधानसभा से कांग्रेस के तीन कद्दावर नेता दावेदारी ठोक रहे हैं। बावजूद गोविंद नगर विधानसभा सीट पर पूर्व प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर दावेदारी कर रही हैं। इसके साथ ही कानपुर दक्षिण के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र दीक्षित भी इस सीट पर दावा कर रहे हैं। शैलेंद्र दीक्षित पहले भी गोविंद नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन हार गए थे। इसके साथ ही युवा छात्र नेता कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव विकास अवस्थी भी दावा कर रहे हैं। युवा छात्र नेता विकास अवस्थी प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के खास माने जाते हैं।

कांग्रेस के इस दावेदार की दिख रही अहम भूमिका

प्रियंका गांधी और अजय कुमार लल्लू जानते हैं कि विकास अवस्थी ने कानपुर में संगठन में जान फूंकी है। पार्टी में एकजुटता बनाई है। कानपुर और आसपास के जिलों में संगठन से जुझारू कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा है। साथ ही विकास अवस्थी के पास युवा कार्यकर्ताओं की सबसे बड़ी फौज है। जिसका लोहा विपक्षी पार्टियां मानती हैं। अब कांग्रेस आलाकमान को तय करना है कि गोविंद नगर विधानसभा की सीट पर किसे प्रत्याशी बनाया जाए। इसके साथ ही यह भी देखना है कि इसको लेकर आपसी फूट और गुटबाजी की स्थिति ना बनने पाए।