
District biggest hospital director and CMO not see a single patient, DM angry कानपुर के डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह उर्सुला उर्सुला हॉस्पिटल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे इस दौरान कई अनियमिताएं मिली सर्जिकल वार्ड में स्टाफ तो मिला लेकिन वार्ड खाली था। इस पर डीएम ने मौके पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ से पूछा- पेशेंट क्यों नहीं है? क्या कारण है? वार्ड में अच्छी खासी सुविधाएं हैं। लेकिन एक भी पेशेंट नहीं है। इसका कोई भी जवाब स्वास्थ्य कर्मियों के पास नहीं था। इसके साथ ही डीएम ने गेट के पास बैठे लोगों से भी बातचीत की और चिकित्सा अधिकारियों को बैठने की व्यवस्था करने को कहा।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के जिलाधिकारी जितेन प्रताप सिंह ने मरीजों के बैठने की व्यवस्था न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मरीज और तीमारदारों की सुविधा के अनुसार उनके बैठने की व्यवस्था बनाई जाए। इसके साथी उन्होंने स्टोर रूम, वार्ड और अस्पताल के अन्य विभागों का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर उन्होंने नाराजगी भी व्यक्त की। मरीज और तीमारदारों से बातचीत भी की।
जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शासन ने अपने ताजा आदेश में कहा है कि सीएमओ, एडिशनल सीएमओ डिप्टी सीएमओ आदि प्रशासनिक कार्यों के साथ मरीजों को भी देखेंगे। कानपुर जिले का उर्सला हॉस्पिटल सबसे बड़ा हॉस्पिटल है। 16 जनवरी के आदेश के अनुसार को उर्सला हॉस्पिटल के डायरेक्टर, सीएमओ ने अपना कार्य शुरू नहीं किया है। दोनों ने ही अभी तक एक पेशेंट नहीं देखा है। मिलने वाली सुविधाएं भी ठीक नहीं है। इस संबंध में निर्देशित किया गया है। 20 बेड के आयुष्मान वार्ड में मात्र 7 या 8 मरीज भर्ती हैं। स्टाफ में अस्पताल में कई कर्मचारी अनुपस्थित भी हैं। जिसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाएगी। हम लोगों का प्रयास होगा कि शासन की मंशा के अनुरूप मरीजों को सुविधा उपलब्ध हो।
Published on:
04 Mar 2025 07:21 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
