
कानपुर की गलियों से शुरू हुआ फर्जीवाड़े का यह खेल आखिरकार लखनऊ की क्राइम ब्रांच के शिकंजे में आकर खत्म हुआ। बोगस फर्म बनाकर 2.75 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी करने वाली तबस्सुम को उसके तीन साथियों समेत गिरफ्तार कर लिया गया। कभी सामाजिक संस्था से जुड़ी रही यह महिला अब प्रदेश के बड़े टैक्स घोटालों में एक अहम चेहरा बन चुकी है।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि तबस्सुम मूल रूप से कानपुर के साकेतनगर इलाके की रहने वाली है। हालांकि जिस मकान का पता उसने दिया, वहां वह सालों पहले ही रहना छोड़ चुकी थी। पड़ोसियों के अनुसार वह खुद को जाह्नवी बताती थी और परिवार के साथ पहली मंजिल पर रहती थी। उसका पति लाल रंग की बुलेट बाइक से अक्सर घूमता नजर आता था, लेकिन उसकी आमदनी का जरिया किसी को नहीं पता था।
पढ़ाई से दूर, लेकिन करोड़ों के खेल में माहिर
तबस्सुम खुद दसवीं भी पास नहीं कर पाई थी, मगर उसके सपने बेहद बड़े थे। वह अक्सर कहती थी कि उसके बेटे करन और अर्जुन की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने देगी। दोनों एक इंटर कॉलेज में पढ़ते थे और मोहल्ले में उन्हें सभ्य परिवार के बच्चों के रूप में जाना जाता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि उनकी मां फर्जी कंपनियों के सहारे सरकारी खजाने को चूना लगा रही है।
रिश्तों के जरिए बना अपराध का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, तबस्सुम को इस रास्ते पर लाने वाला कोई और नहीं बल्कि उसकी बड़ी बहन का दामाद अम्मार अंसारी था। उसी ने उसे बोगस फर्मों के जरिए टैक्स चोरी के धंधे में उतारा। तबस्सुम दस्तावेज जुटाती, फर्जी बिल बनवाती और नकली फर्मों के नाम पर लेन-देन कराती थी।
इस पूरे खेल का टेक्निकल मास्टरमाइंड था प्रशांत बेंजवाल
कभी शॉपिंग मॉल में कैशियर रहा युवक, जिसने जल्दी अमीर बनने के लिए नौकरी छोड़ अपराध की दुनिया चुन ली। वह फर्जी किरायेदारी एग्रीमेंट और नकली कंपनियों के कागजात तैयार कर आईटीसी को दूसरे कारोबारियों को बेचता था।
छापेमारी में खुला राज का पिटारा
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के हाथ ऐसा सामान लगा जिसने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं —9 डेबिट कार्ड, 4 सिम कार्ड, 4 मोबाइल फोन, कई पैन कार्ड, आधार कार्ड, चेकबुक और बैंक किट।अधिकारियों का मानना है कि इन सबका इस्तेमाल फर्जी खातों और ट्रांजैक्शन के लिए किया जा रहा था।अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से कितनी और कंपनियां जुड़ी थीं और टैक्स चोरी की असली रकम कितनी बड़ी है। माना जा रहा है कि यह घोटाला 2.75 करोड़ से कहीं ज्यादा का हो सकता है।
Published on:
18 Feb 2026 10:19 am
