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एचआईवी के दहशत से खौफजदा ग्रामीण, नहीं सूनाई दे रही शहनाई की गूंज

कानपुर के एआरटी सेंटर में मरीजों का चल रहा इलाज, 20 से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव

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Gruesome villagers from the horror of HIV, not echoing the clarinet of

कानपुर, उन्नाव जिले के बांगरपुर थानाक्षेत्र के कई गांवों में एचआईवी मरीजों के मिलने से हड़कंप मच गया। परिजन उनका इलाज करवाने के लिए कानपुर के एआरटी सेंटर लेकर आए। यहां पर 20 लोगों को एचआईवी की पुष्टि डॉक्टरों ने कर दी है। 25 से ज्यादा मरीजों का जांच के सैंपेल लैब में भेजे गए हैं। मामला सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने बांगरमऊ थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर लिखवाई है। ख्ुद स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह ने एचआईवी की पुष्टि कर मरीजों के इलाज की बात कही है और आरोपी झोलाछाप को अरेस्ट करने के आदेश दिए हैं। वहीं इन गांवों में कई युवक और युवतियों की शादी फरवरी में थी, जो रूक गई हैं। लड़की व लड़के पक्ष वालों ने इन गांवों संक्रमण के चलते कतरा रहे हैं। पिछले साल सक यहां एक भी घर में शहनाई नहीं बजी।
झोलाछाप ने फैलाया रोग
नवंबर-2017 में बांगरमऊ तहसील के चकमीरापुर, नसिरापुर और किरमिदियापुर सहित आधा दर्जन गांवों में
एक एनजीओ ने हेल्थ कैंप लगाया था। इसमें जांच के दौरान कुछ लोगों में एचआईवी के लक्षण मिले। इन्हें आगे की जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहां कई लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि क्षेत्र में लोगों का इलाज करने वाला एक झोलाछाप एक इंजेक्शन का बार-बार इस्तेमाल करता था। समझा जाता है कि झोलाछाप ने वह इंजेक्शन किसी एचआईवी पीड़ित को लगाया होगा। इससे उसकी सुई संक्रमित हो गई होगी। फिर वही इंजेक्शन दूसरे मरीजों को लगाने से वे भी संक्रमित हो गए। यहां 500 से ज्यादा लोगों की जांच में फिर 40 लोगों में एचआईवी के लक्षण मिले। 20 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बाकी मरीज कानपुर के एआरटी सेंटर पर जांच करवा रहे हैं। जिन लोगों में इन्फेक्शन की पुष्टि हुई है, उनमें चार-पांच बच्चे भी हैं।
कानपुर आ रहे हैं मरीज
उन्नाव से हर दिन पांच से दस की संख्या में मरीज कानपुर के एआरटी सेंटर आ रहे हैं। यहां डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं। जानकारों की मानें तो फरवरी माह में अकेले 50 से ज्यादा युवक, युवतियां यहां जांच करवाने के लिए आई। जिसमें 20 की रिपोर्ट पॉजीटिव तो 30 से ज्यादा की रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं और आने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। एक ग्रामीण ने बताया कि झोलाछाप ने गई गांवों में एचआईवी बांट दिया। एफआईआर होने के बाद आरोपी अभी भी नहीं पकड़ा गया। सरकार को झोलाछापों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए।
टूट गई शादियां
बांगरमऊ तहसील के चकमीरापुर, नसिरापुर और किरमिदियापुर सहित आधा दर्जन गांवों में बड़ी संख्या में एचआईवी पीड़ित मरीजों के मिलने के बाद यह सभी गांव सुर्खियों में आ गया। इससे अब इन गांव के लड़कों से शादी से लोग कतराने लगे हैं। आस पास के गांव के लोग यहां लड़के या लड़कियों से शादी नहीं करना चाहते। ग्रामीणों की मानें तो गांव में 2017 से लेकर फरवरी 2018 तक किसी भी युवक की शादी नहीं हुई है। शादी के लिए आने वाले लोग एचआईवी की जानकारी होते ही बिना रिश्ता तय किए लौट जाते हैं। चकमीरापुर के अलावा नसिरापुर और किरमिदियापुर में भी कुछ ऐसा ही हाल है। एचआईवी से पीड़ित मरीजों की संख्या इन गांव में भी अधिक है। कटरी गांव निवासी एक मल्हाह की बेटी की शादी चकमीरापुरा में तय हुई थी, लेकिन जैसे ही उसे एचआईवी की जानकारी मिली तो उसने बेटी का रिश्ता वहां करने से मना कर दिया।