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Kanpur News : अब कंप्यूटर चलाएंगे ट्रेनें, 15 करोड़ की हाईटेक EI सिस्टम से बदलेगा पूरा सिग्नलिंग ढांचा

Electronic Interlocking System:कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर रूट रिले इंटरलाकिंग सिस्टम को हटाकर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग लगाया जाएगा। 15 करोड़ की परियोजना से सिग्नलिंग कंप्यूटर आधारित होगी। 21 जून को मेगा ब्लॉक प्रस्ताव। इससे सुरक्षा, गति बढ़ेगी और मानवीय त्रुटि लगभग समाप्त होगी है
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कानपुर

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Avanish Kumar

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Updated: 28 May 2026, 1:53 PM IST

Kanpur, Kanpur Central Railway Station

सांकेतिक फोटो-पत्रिका

Indian Railway : भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान के तहत कानपुर के Central Railway Station पर एक बड़ा तकनीकी बदलाव होने जा रहा है। यहां वर्षों से इस्तेमाल हो रही रूट रिले इंटरलाकिंग (RRI) प्रणाली को अब पूरी तरह हटाकर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग (EI) सिस्टम लगाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन क्षमता को नई ऊंचाई देगा। वर्तमान में स्टेशन मास्टर बटन और स्विच के जरिए ट्रेनों के रूट और सिग्नल नियंत्रित करते हैं, लेकिन नई प्रणाली में यह पूरा काम कंप्यूटर आधारित और स्वचालित हो जाएगा।

कैसे काम करेगा नया EI सिस्टम

नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलाकिंग तकनीक में सिग्नल सिस्टम पूरी तरह कंप्यूटरीकृत होगा। जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित और खाली नहीं होगा, तब तक सिग्नल ग्रीन नहीं होगा। इससे मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। रूट सेटिंग और सिग्नल परिवर्तन की प्रक्रिया भी सेकंडों में पूरी हो जाएगी, जिससे ट्रेनों के संचालन में तेजी आएगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक न केवल ट्रेनों की गति बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को भी लगभग शून्य स्तर तक ले जाएगी। इससे स्टेशन पर ट्रैफिक मैनेजमेंट अधिक सुचारु और सुरक्षित होगा।

21 जून को मेगा ब्लॉक का प्रस्ताव

इस परियोजना को लागू करने के लिए 21 जून को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मेगा ब्लॉक लेने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद रूट डायवर्जन और सिस्टम इंस्टॉलेशन का काम शुरू किया जाएगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ सकता है और यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं से गुजरना पड़ सकता है।

अधिकारियों का बयान

डिप्टी सीटीएम अकांशु गोविल ने बताया कि फिलहाल स्टेशन पर पुरानी रूट रिले इंटरलाकिंग प्रणाली काम कर रही है, जिसे अब ईआई सिस्टम में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया रेलवे के तकनीकी अपग्रेड का हिस्सा है और इससे संचालन अधिक सुरक्षित और तेज होगा।