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पुलिस ने दो किडनैपर्स को मारी गोली, मासूम की रिहाई के साथ खुली अपहरण की अजब कहानी

Kanpur Crime News: पुलिस ने किडनैपर्स के एनकाउंटर के बाद दो साल के मासूम बच्चे को उनके चंगुल से छुड़ा लिया है। पुलिस की पूछताछ में मुख्‍य आरोपी ने बताया है कि उसने बच्चे का अपहरण अपनी बहन के लिए किया था।  

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Kanpur Crime News

Kanpur Kidnapping Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से किडनैपिंग का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने किडनैपर्स के एनकाउंटर के बाद दो साल के मासूम बच्चे को उनके चंगुल से छुड़ा लिया है। पुलिस की पूछताछ में मुख्‍य आरोपी ने बताया है कि उसने बच्चे का अपहरण अपनी बहन के लिए किया था। दरअसल, उसकी बहन को पिछले 18 साल से बच्‍चा न होने की वजह से ससुराल वालों के ताने झेलने पड़ रहे थे। बता दें, बच्‍चे का अपहरण कानपुर के फूलबाग से हुआ था।

आज यानी रविवार सुबह किडनैपर्स और पुलिस के बीच भगवत दास घाट पर मुठभेड़ हुई। जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है । डीसीपी क्राइम आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों की पहचान किदवई नगर निवासी रज्जन और पंकज गुप्ता के रूप में की गई है। मुख्य आरोपी रज्जन की बहन पूनम की शादी 18 साल पहले हुई थी। लेकिन अब तक उसके संतान नहीं थे, जिसके चलते उसे ससुराल वालों से ताने सुनने पड़ते थे। डीसीपी के अनुसार, बच्चा ना होने की वजह से पूनम को लज्जित महसूस करती थी। यह बात उसने पिता और भाई रज्जन को बताई थी। इसपर पूनम के पिता ने पैसे देकर कोई बच्चा बेटी को दिलाने की बात कही थी। बीते सप्ताह रज्जन अपने दोस्त पंकज के साथ फूलबाग से गुजर रहा था। तभी उसने कार्तिक को देखा।

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कानपुर की ताजा खबरें: Kanpur Latest News

आरोपितों ने वहीं बच्चे के अपहरण की साजिश रची और एक दो चक्कर घूमकर बस स्टॉप के पास से बच्चा उठा लिया। जिसके बाद पूनम की बहन नीतू को बच्चा सौप दिया। आरोपितों ने पैसे ऐंठने के लिए एक फर्जी गोदनामा भी लिखा। इस गोदनामे स्टांप पर लिखा था कि परिजनों को विश्वास दिलाया गया था कि बच्चा लिखापढ़ी करके लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में आरोपियों के साथ और कौन-कौन शामिल थे। करीब छह सौ सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद मामले का खुलासा हो सका। डीसीपी के मुताबिक गाड़ी नंबर की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया है।