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Kanpur News:दिव्यांग नमाजी को गोद में उठाकर पार कराया हाईवे, ईद पर पुलिस बनी सहारा

Kanpur Police Humanity:कानपुर में ईद के दौरान हाईवे पार करने की कोशिश कर रहे दिव्यांग नमाजी को पुलिसकर्मियों ने गोद में उठाकर सुरक्षित पार कराया। यह वीडियो वायरल हो गया और लोगों ने पुलिस की इंसानियत की जमकर सराहना की।

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कानपुर में इंसानियत की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। जब सचेंडी थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों ने एक दिव्यांग नमाजी को नमाज स्थल तक पहुंचाने में मदद की। जब नमाजी को हाईवे पार करने में दिक्कत हुई, तो पुलिसकर्मी ने उसे गोद में उठाकर सुरक्षित पार कराया। इस संवेदनशील पहल ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की इस मानवीयता की सराहना की। यह घटना पुलिस के सेवा, सुरक्षा और सहयोग के मूल मंत्र को साकार करती नजर आई, जिसकी अब हर ओर प्रशंसा हो रही है।

हाईवे पर फंसा था दिव्यांग नमाजी

शनिवार सुबह ईद की नमाज के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही और भीड़ काफी बढ़ गई थी। इसी दौरान एक दिव्यांग नमाजी सड़क पार करने के लिए जूझता नजर आया। तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच उसका हर कदम खतरे से भरा था और थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी। आसपास मौजूद लोग भी असमंजस में थे, लेकिन वह हिम्मत जुटाकर आगे बढ़ने की कोशिश करता रहा। उसकी बेबसी और साहस का यह दृश्य हर किसी को भावुक कर रहा था और मदद की जरूरत साफ झलक रही थी।

पुलिसकर्मियों ने निभाया फर्ज से बढ़कर कर्तव्य

ड्यूटी पर तैनात दरोगा योगेश और कांस्टेबल विपुल की नजर जैसे ही उस दिव्यांग नमाजी पर पड़ी, उन्होंने तुरंत मदद करने का निर्णय लिया। बिना समय गंवाए दोनों उसके पास पहुंचे और बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे अपनी गोद में उठाकर सावधानीपूर्वक हाईवे पार कराया। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक को भी नियंत्रित किया, ताकि किसी तरह का खतरा न हो। उनकी सतर्कता और मानवता के इस कार्य ने न सिर्फ नमाजी को सुरक्षित पहुंचाया, बल्कि वहां मौजूद लोगों के दिलों को भी छू लिया।

कैमरे में कैद हुआ वीडियो,वायरल

यह पूरी घटना वहां मौजूद राहगीरों ने अपने मोबाइल में कैद कर ली। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग पुलिसकर्मियों की इस सराहनीय पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं और इसे इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे “ईद का सबसे खूबसूरत संदेश” कहा, जहां सेवा और संवेदनशीलता की झलक साफ नजर आई। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि वर्दी के पीछे भी एक संवेदनशील दिल होता है, जो जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है।