8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

कानपुर में मुफ्त में नारियल पानी न देने पर दुकानदार की पिटाई, चार पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की है और सहायक पुलिस आयुक्त को जांच दी है। मामला मुफ्त में नारियल पानी न देने पर पिटाई से जुड़ा है। ‌

2 min read
Google source verification

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस यूपी पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हो गई। इस बार फ्री में नारियल पानी पीने का मामला सामने आया है। साथ में हजार रुपए न देने पर पुलिस कर्मियों ने नारियल बेचने वाले की पिटाई कर दी और उठाकर थाने ले गए। पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। अपर पुलिस आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि तत्काल प्रभाव से चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच सहायक पुलिस आयुक्त को दी गई है। मामला नौबस्ता थाना क्षेत्र से जुड़ा है।

यह भी पढ़ें: एलआईसी अमृत बाल योजना: मिलता है गारंटी युक्त बोनस, लोन की सुविधा भी उपलब्ध

नौबस्ता थाना क्षेत्र के शिवपुरम कोयला नगर निवासी चंद्र कुमार पुत्र अंकित प्रसाद ने बताया कि वह नारियल बेचने का काम करता है। बीते 15 मई को वह ट्रक से नारियल उतार रहा था। उसी समय पीआरबी संख्या 0393 आई। जिसमें से तीन सिपाही और एक महिला सिपाही उतरे। उन्होंने पांच नारियल के साथ 1 हजार रुपए की मांग की। नारियल तो दे दिया, लेकिन हजार रुपए देने में असमर्थता जताई। उसी समय का वीडियो बनाया, तो सिपाहियों ने उसकी पिटाई करते हुए गाड़ी में डाल लिया। नौबस्ता थाना ले गए।

आत्महत्या करने की सोच रहा

सौरव स्वामी नाम के सिपाही ने थाने में उसकी पिटाई की और मोबाइल पर से छीन लिया। इस दौरान सादे कागज पर दस्तखत करवाया और घर से 2000 लेने के बाद उसे छोड़ा गया। मोबाइल का वीडियो भी डिलीट कर दिया गया। चंद्र कुमार ने बताया कि घटना सुबह काफी आहत है। व्यापार करने भी नहीं कर पा रहा है। आत्महत्या करने की सोच रहा है।

क्या कहते हैं अपर पुलिस आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर?

इस संबंध में अपर पुलिस आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर हरीश चंदर ने बताया कि बिना पैसा दिए नारियल पानी लेने का मामला सामने आया है। घटना में शामिल चारों पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसकी जांच सहायक पुलिस आयुक्त स्वरूप नगर को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।