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मुख्तार अंसारी की जिंदगी बाल-बाल बची, लखनऊ से बांदा जेल भेजते समय रास्ते में हादसा

हादसा उस वक्त हुआ, जब सडक़ पर मवेशियों का झुंड होने की वजह से ओवरटेक करते समय मुख्तार की एंबुलेंस सामने से आई तेज रफ्तार रोडवेज बस आ गई

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मुख्तार अंसारी की जिंदगी बाल-बाल बची, लखनऊ से बांदा जेल भेजते समय रास्ते में हादसा

कानपुर. पूर्वांचल के बाहुबली कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल के अंदर हत्या के बाद पूर्वांचल के दूसरे डॉन और बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का मौत से सामना हो गया। लखनऊ से बांदा जेल भेजते समय गुरुवार/शुक्रवार की रात फतेहपुर जनपद के ललौली थानाक्षेत्र में खतरनाक हादसे में बाल-बाल बच गए। हादसा उस वक्त हुआ, जब सडक़ पर मवेशियों का झुंड होने की वजह से ओवरटेक करते समय मुख्तार की एंबुलेंस सामने से आई तेज रफ्तार रोडवेज बस से टकराती बची। जानकारी के मुताबिक, बांदा जेल में बंद मुख्तार को लखनऊ से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस से गुरुवार देर शाम बांदा जेल भेजा गया था। बांदा-टांडा रोड पर ललौली थाने के खरौली गांव के पास जैसे ही मुख्तार की एंबुलेंस पहुंची तो अचानक बड़ी संख्या में बीच सडक़ पर मवेशियों का झुंड खड़ा नजर आया। तेज रफ्तार एंबुलेंस से ड्राइवर का नियंत्रण हटा तो वाहन डगमगाते हुए अनियंत्रित हो गया। जैसे-तैसे एंबुलेंस चालक ने गाड़ी को संभालकर फुटपाथ से निकलाने का प्रयास किया तो बांदा की तरफ से तेज रफ्तार रोडवेज बस सामने आ गई। दोनों वाहनों के चालकों के ब्रेक लगाने से हादसा टल गया। अचानक मुख्तार की गाड़ी रुकते ही पीछे वाहन में सवार सुरक्षा जवान उतरकर चौकन्ना हो गए। सुरक्षा जवानों ने रोडवेज बस में चढक़र जांच-पड़ताल के साथ यह जानकारी भी जुटाई कि कोई घायल तो नहीं है। किसी के घायल नहीं होने पर सुरक्षाकर्मी मुख्तार को लेकर बांदा रवाना हो गए।


बागपत में मुन्ना बजरंगी की हत्या में उछला था नाम


गौरतलब है कि बपापत जेल में कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद बांदा जेल में बंद बसपा विधायक मुख्तार अंसारी की हालत अच्छी नहीं है। उसे भी मौत का डर सता रहा है। मुन्ना बजरंगी की हत्या में संदिग्ध के तौर पर मुख्तार का नाम भी उछला था। चर्चा थी कि पुरानी दोस्ती के दुश्मनी में बदलने पर सुनील राठी के जरिए मुख्तार ने बजरंगी का काम तमाम कराया है। बहरहाल, बांदा जेल में सुरक्षा का आलम यह है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। बीएसपी विधायक के लिए जेल में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। बांदा जेल के जेलर वी एस त्रिपाठी कहते हैं कि जेल की बैरक संख्या-15 और 16 में बंद मुख्तार अंसारी सामान्य: अब बैरक से बाहर नहीं निकलते हैं। जेल के मुख्य द्वार पर पुलिस के अलावा पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं. अन्य बंदियों के मुलाकातियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और उनकी भी सघन तलाशी होती है।


पत्नी ने जताई है जेल में मुख्तार की हत्या की आशंका

मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर उनके परिवार वाले भी चिंतित हैं। मुख्तार के बड़े भाई और पूर्व सांसद अफजाल ने बताया कि सुरक्षा के सवाल मौजूदा सरकार से कोई उम्मीद नहीं हैं। इसके अलावा पिछले विधानसभा सत्र में जब मुख्तार वहां सत्र में मौजूद थे तब भी उन्होंने वहां उपस्थित मीडिया से अपनी जान को खतरा बताया था। कुछ माह पहले मुख्तार की पत्नी ने भी बांदा जेल में मुलाकात के बाद मुख्तार की जिंदगी पर खतरा बताया था।