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इन स्टूडेंट्स ने अमेरिका को दी मात, आवाज से दौड़ेगी व्हीलचेयर

एलनहाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्रों ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक से स्मार्ट व्हीलचेयर की तैयार, आवाल से होगी पूरी तरह कंट्रेल।

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now smart wheel chair will come on call of handicapped

इन स्टूडेंट्स ने अमेरिका को दी मात, आवाज से दौड़ेगी व्हीलचेयर

कानपुर। रूमा स्थित एलनहाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के छात्रों ने एक ऐसी व्हीलचेयर इजाद की है, जो एक आवाज लगाते ही दिब्यांगजनों के पास आ जाएगी और पूरी तरह से आवाज से कंट्रेल होगी। गुप लीडर नवल किशोर के मुताबिक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे जल्द ही बाजार में उतारा जाएगा। इसे बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए सरकार ने 10 हजार रुपये का अनुदान दिया है। अभी तक ऐसी तकनीक सिर्फ अमेरिका के पास है।

आवाज से चलेगी व्हीलचेयर
एलनहाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियङ्क्षरग (सभी चौथे वर्ष) के छात्र नवल कुमार (ग्रुप लीडर), उदय कुमार और शिवदास यादव ने दिब्यांगजनों के लिए एक ऐसी व्हीलचेयर का अविष्यकार किया है, जो आवाज के जरिए चलती और रूकती है। छात्रों ने इसका नाम स्मार्ट’ व्हील चेयर रखा है। नवल कुमार के मुताबिक हमनें इंटरनेट के जरिए पहले ऐसी व्हीलचेयर के बारे में सर्च किया। हमें अमेरिका में ऐसी तकनीक के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद हमनें मेक-इन-इंडिया के तहत स्मार्ट चेयर के बनाने का निर्णय लिया।

स्मार्टफोन से अटैच किया
छात्रों के मुताबिक स्मार्ट चेहर के निर्माण के लिए हम संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर राहुल उमराव से मिले। उन्होंने हमें भरपूर सहयोग किया। छात्र नवल के मुताबिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स के तहत हम इंटरनेट से किसी भी डिवाइस को कंट्रोल कर सकते हैं। व्हीलचेयर में ऑर्डिनो (एयूआरडीआइएनओ) डिवाइस लगाई है। इसे एक स्मार्टफोन से अटैच किया गया है। इसके लिए एक एप भी तैयार की गई है। एप को ओपन कर जैसे ही लेफ्ट, राइट, फॉरवर्ड और बैक बोलेंगे वैसे ही व्हीलचेयर मूवमेंट करने लगेगी।

20 हजार कीमत
छात्रों ने बताया कि इस व्हीलचेयर को 60 दिन में बला लिया गया। इसकी लागत 20 हजार रूपए आई है। छात्रों का दावा है कि इस तरह की व्हीलचेयर बाजार में उपलब्ध नहीं है। जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी। छात्रों ने कुछ दिन पहले इसे उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूपीसीएसटी) की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया था। जिसकी सबने सराहना की थी। संस्थन निदेशक दिनेश कुमार ने छात्रों व प्रोफेसरों की टीम को प्रशस्ति पत्र, मेडल व ट्राफी देकर सम्मानित किया।