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केस्कों में कमीशनबाजी का खेल, सबस्टेशनों के नाम पर खरीद डाले करोड़ों के उपकरण

केस्को काम कराने में जितना पीछे है, कमीशनबाजी लिए सामान खरीदने में उतना ही आगे है. इसके लिए बिजनेस प्लान, आईपीडीएस सहित अन्य प्रोजेक्ट्स में प्रस्तावित सबस्टेशनों में जमकर घालमेल किया गया. सबस्टेशनों के लिए सामान भी सालों पहले खरीद डाला गया लेकिन हिसाब-किताब नहीं है.

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Kanpur

केस्कों में कमीशनबाजी का खेल, सबस्टेशनों के नाम पर खरीद डाले करोड़ों के उपकरण

कानपुर। केस्को काम कराने में जितना पीछे है, कमीशनबाजी लिए सामान खरीदने में उतना ही आगे है. इसके लिए बिजनेस प्लान, आईपीडीएस सहित अन्य प्रोजेक्ट्स में प्रस्तावित सबस्टेशनों में जमकर घालमेल किया गया. सबस्टेशनों के लिए सामान भी सालों पहले खरीद डाला गया लेकिन हिसाब-किताब नहीं है. सबस्टेशनों के लिए खरीदे गए करोड़ों के उपकरण केस्को के स्टोर में धूल, धूप और बारिश में पड़े-पड़े सड़ रहे हैं. इनका आगे कब और कहां इस्तेमाल होगा, इसकी भी केस्को ऑफिसर्स को जानकारी नहीं है. सवाल ये भी है कि जब कभी इन उपकरण का इस्‍तेमाल होगा तो ये काम करेंगे भी या नहीं.

ऐसा हुआ गड़बड़घोटाला
सेंट्रल गवर्नमेंट के इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलप स्कीम(आईपीडीएस) के अंर्तगत केस्को का 468 करोड़ का प्रोजेक्ट पास हुआ था. इसमें अन्य कार्यो के अलावा केस्को ने 5838.25 करोड़ से 21 सबस्टेशन प्रस्तावित कर डाले. इससे पहले वर्ष 2011-12 के बिजनेस प्लान में 12 करोड़ से भी तीन सबस्टेशन प्रस्तावित किए गए थे. इनमें सीएसए यूनिवर्सिटी, पराग डेयरी व आनन्दपुरी पार्क था.

ऐसा है जानकारों का कहना
जानकारों का कहना है कि वर्ष 2014-15 के बिजनेस प्लान आदि में भी कई सबस्टेशन प्रस्तावित किए थे. इनमें से आईपीडीएस के अन्र्तगत सीएसए सबस्टेशन बनाया गया है, जबकि पराग डेयरी केस्को सबस्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है. जानकार इम्प्लाइज के मुताबिक बिजनेस प्लान आदि में पास कराए गए सबस्टेशनों और बनाए गए सबस्टेशनों में जमकर घालमेल हुआ है. सबस्टेशनों के नाम पर करोड़ों के उपकरण खरीद डाले गए. जबकि प्रस्तावित सबस्टेशनों की जमीनें आजतक केस्को को नहीं मिली है.

बरामद किए उपकरण
एसटीएफ ने बिजली कम्पनियों के करोड़ों के उपकरण दिल्ली, नौबस्ता, रतनपुर में बरामद किए. इसके बाद स्टोर्स में उपकरणों का थर्ड ऑडिट शुरू किए जाने के यूपीपीसीएल के डिसीजन से अफरातफरी मची हुई. तीन सदस्यीय केस्को ऑफिसर्स की टीम ने भी अभी केवल रिवर साइड पॉवर स्टोर की जांच शुरू की. यहां मौजूद करोड़ों के उपकरण देखकर जांच अधिकारी दंग रह गए. दबी जुबान ऑफिसर कह रहे हैं कि इतने उपकरणों में कम से कम आधा दर्जन सबस्टेशन बन सकते हैं.

21 सबस्टेशन किए थे प्रस्‍तावित
केस्को ऑफिसर्स ने गोविन्द नगर पीपा पुल ढाल, वरुण विहार, खांडेपुर, हलीम कालेज, सर्किट हाउस में जमीन के बगैर ही विभिन्न मोहल्लों में आईपीडीएस के अर्न्‍तगत 5838.25 करोड़ से 21 सबस्टेशन प्रस्तावित किए थे. पर इनमें से केसा कालोनी आजाद नगर, सीएसए यूनिवर्सिटी, पीएसी रोड श्याम नगर, डिप्टी का पड़ाव, परमपुरवा, बारासिरोही, पराग डेयरी निराला नगर सहित 9 सबस्टेशन ही बने हैं या बन रहे हैं. ये सभी सबस्टेशन उपकरणों के साथ एक प्राइवेट कम्पनी को बनाने की जिम्मेदारी मिली है. हालांकि बाद में आईपीडीएस प्रोजेक्ट रिवाइज कर केस्को ने 21 की जगह 11 सबस्टेशन कर दिए हैं.