
कोरोना काल में प्रतिदिन कानुपर शहर में 71 टन से ज्यादा ऑक्सीजन की खपत है
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. Oxygen Generator Plant. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने स्वास्थ्य महकमे की पोल खोलकर रखी दी है। हर दिन मृतकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसकी बड़ी वजह ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी है। कानपुर में 25 कोविड स्टेट्स हॉस्पिटल हैं, जिनमें करीब 80 फीसदी मरीज ऑक्सीजन पर हैं। जानकारी के मुताबिक, कोरोना काल में प्रतिदिन कानुपर शहर में 71 टन से ज्यादा ऑक्सीजन की खपत है। इसे देखते हुए अब प्रशासन ने शहर के तीन बड़े अस्पतालों में हैलट, उर्सला और कांशी राम ट्रामा सेंटर में ऑक्सीजन जेनरेटर लगाने का फैसला किया है। ऑक्सीजन प्लांट लगने के बाद इन अस्पतालों से ऑक्सीजन की किल्लत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।
हैलट : एक मिनट में 960 लीटर ऑक्सीजन
हैलट अस्पताल में लिंडे कंपनी का ऑक्सीजन प्लांट लगा है, जिसमें लिक्विड ऑक्सीजन को स्टोर किया जाता है। इसके लिए प्रतिदिन देहरादून से एक ऑक्सीजन टैंकर आता है। अब यहां जेनरेटर ऑक्सीजन प्लांट लगने से एक मिनट में 960 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जिसके बाद हैलट अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत दूर हो जाएगी। टाईडेंट कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
कांशी राम ट्रामा सेंटर : एक मिनट में 1250 लीटर
कानपुर के कांशी राम ट्रामा सेंटर में भी जनरेटर ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर रेड्डी ने प्लांट लगवाने का प्रस्ताव फिर से शासन को भेजा है। यहां लगने वाला जनेरटर ऑक्सीजन प्लांट एक मिनट में 1250 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा।
उर्सला : प्रतिदिन 500 लीटर का उत्पादन
उर्सला अस्पताल में 29 अप्रैल से जनरेटर ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएगा। इसकी क्षमता प्रतिदिन 500 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने की है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली कंपनी के निदेशक का कहना है जल्द ही उर्सला अस्पताल में इस प्लांट को स्थापित कर दिया जाएगा।
Published on:
25 Apr 2021, 6:04 PM IST
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