
फोटो सोर्स पत्रिका
Police arrested a Myanmar resident कानपुर में 8 साल से पहले इलाज के नाम पर आया रोहिंग्या फिर वापस नहीं गया। फर्जी आधार कार्ड और लाइसेंस भी बनवा लिया। धीरे-धीरे 10 लोगों का परिवार हो गया। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को चालक की बोली से संदेह हुआ। पूछताछ करने पर उसने बताया कि म्यांमार से आया है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को यह सफलता मिली है। बातचीत के दौरान बोली अलग लगी इसके बाद पहचान पत्र आदि देखे गए। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामला कोतवाली क्षेत्र का है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 साल पहले पिता के इलाज के लिए म्यांमार निवासी मोहम्मद साहिल कानपुर आया था। लेकिन फिर वापस नहीं गया। इस बात का खुलासा वाहन चेकिंग के दौरान हुआ। जब बड़े चौराहे पर पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। यह देखा गया की मौके पर दो ऑटो इधर-उधर घूम रहे हैं। जिनसे पूछताछ की गई तो बातचीत से बाहरी व्यक्ति लगे।
आशुतोष कुमार ने बताया कि पूछताछ करने पर जानकारी मिली थी कि म्यांमार से आया हैं। जिनके कागज को भी चेक किया गये। आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाए। पूछताछ के दौरान मोहम्मद साहिल ने बताया कि उसके घर में 10 लोगों का परिवार है। जिसमें पत्नी, बच्चे, बहन-भाई और पिता शामिल है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि साहिल के घर वालों से भी बातचीत की गई है। जिसके पास भारतीय नागरिकता नहीं है । फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देश में रह रहा है। मुकदमा लिख लिया गया है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Published on:
22 May 2025 04:51 pm
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