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सपा विधायक को 7 साल की सजा पुलिस को मंजूर नहीं, 10 साल या आजीवन कारावास के लिए जाएगी हाई कोर्ट

सपा विधायक इरफान सोलंकी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब एक नई मुसीबत सामने आ रही है। एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस हाई कोर्ट जा रही है।

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कानपुर के सीसामऊ क्षेत्र से सपा विधायक इरफान सोलंकी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। एमपी एमएलए कोर्ट ने इरफान सोलंकी को आईपीसी की धारा 436 के अंतर्गत दोषी पाते हुए 7 साल की सजा सुनाई थी। इरफान सोलंकी के वकील ने बताया था की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। लेकिन अब कानपुर कमिश्नरेट पुलिस एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट जा रही है। कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि जिन धाराओं में सजा हुई है। उनमें अधिकतम न्यूनतम 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा है। पुलिस के इस कदम से सपा विधायक के समर्थक व परिवार वालों को बड़ा झटका लगा है।

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जाजमऊ थाना क्षेत्र की रहने वाली नाजिम फातिमा ने सपा विधायक उनके भाई सहित अन्य पर आगजनी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया था कि करोड़ों रुपए के प्लाट को हड़पने के लिए उनकी झोपड़ी जला दी गई। अदालत में एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सपा विधायक इरफान सोलंकी उनके भाई रिजवान सोलंकी, शौकत पहलवान, मोहम्मद शरीफ और इसराइल आटावाला को 7 साल की सजा सुनाई। साथ में अर्थदंड भी लगाया है।

इरफान सोलंकी के वकील ने कहा वह भी जाएंगे को हाई कोर्ट

इस संबंध में इरफान सोलंकी के वकील ने बताया था कि एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के खिलाफ वह हाई कोर्ट में अपील करेंगे। लेकिन कानपुर कमिश्नर पुलिस ने एक कदम आगे बढ़ते हुए हाईकोर्ट जा रही है। उनका कहना है कि आईपीसी की धारा 436 में न्यूनतम सजा 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की है। जिसके लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।