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माध्यमिक शिक्षा परिषद के निरीक्षण के बाद अब प्राइवेट स्कूलों को मिलेगी रेटिंग

गौर से सुनिएगा कि अगर आप अपने बच्चों को किसी प्राइवेट स्कूल में एडमिशन दिलाने की सोच रहे हैं, तो आप के लिए यह खबर गुड न्यूज हो सकती है. माध्यमिक शिक्षा परिषद अब प्राइवेट स्कूलों की ग्रेडिंग तय करने जा रहा है.
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के निरीक्षण के बाद अब प्राइवेट स्कूलों को मिलेगी रेटिंग

कानपुर। गौर से सुनिएगा कि अगर आप अपने बच्चों को किसी प्राइवेट स्कूल में एडमिशन दिलाने की सोच रहे हैं, तो आप के लिए यह खबर गुड न्यूज हो सकती है. माध्यमिक शिक्षा परिषद अब प्राइवेट स्कूलों की ग्रेडिंग तय करने जा रहा है. इसके तहत विभागीय टीम स्कूलों का निरीक्षण करेगी. निरीक्षण करने के बाद उनके गुण-दोषों के आधार पर उन्हें स्टार के रूप में ग्रेड दिए जाएंगे.

ऐसा बताया डीआईओएस ने
डीआईओएस सतीश कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्राइवेट स्कूलों का बुनियादी ढांचा पता करने के लिए ऐसी योजना लागू करने जा रहा है. इसके तहत निर्धारित टीम जांच के बाद जो ग्रेड स्कूल को आवंटित करेगा, उस ग्रेड को स्कूलों को अपने बोर्ड पर भी सार्वजनिक करना होगा. ग्र्रेडिंग होने से बच्चों के पैरेंट्स को स्कूल में मिलने वाली शिक्षा और सुविधा के स्तर का पता लग सकेगा.

ऐसे होगा सुधार
डीआईओएस के मुताबिक शिक्षा के गिरते स्तर और बच्चों को मिलने वाली अनिवार्य सुविधाओं की स्थिति को सुधारा जाएगा. इसके लिए प्राइवेट स्कूलों को पैरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन का गठन कर टीचर्स और पैरेंट्स के बीच सीधा कम्युनिकेशन करना होगा.

इसे बनाया जाएगा आधार
डीआईओएस के अनुसार प्राइवेट स्कूलों में ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने के लिए नेशनल एडवाइजरी काउंसिल की सिफारिश को आधार बनाया गया है. उन्होंने बताया कि ग्रेडिंग के लिए टीम स्कूल के बोर्ड रिजल्ट, अनिवार्य सुविधाएं, भवन और पैरेंट्स के रिव्यू को भी शामिल किया जा सकता है. यह ग्रेडिंग स्टार के कोड में होगी.

ऐसा कहना है अधिकारी का
इस बारे में डीआईओएस सतीश कुमार तिवारी कहते हैं कि प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और मनमानी पर रोक के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने निर्देश दिए हैं. इसके तहत स्कूलों की ग्रेडिंग की जानी है. ग्रेडिंग के आधार पर पैरेंट्स स्कूल के बुनियादी ढांचे को समझ सकेंगे और उनके बारे में फैसला ले सकेंगे.