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पं. देवकीनंदन ठाकुर ने विपक्षी नेताओं से पूछा- हिंदू, देश सुरक्षित नहीं तो क्या प्रधानमंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री बन पाओगे?

Tathavachak Pandit Devkinandan Thakur asked this question to opposition leaders कानपुर में पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने विपक्षी नेताओं से दिल पर हाथ रखकर ईमानदारी से सवालों का जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा कि यदि हिंदू और देश नहीं बचा तो सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री बन पाओगे?

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कार्यालय का उद्घाटन करते पंडित देवकीनंदन ठाकुर

Tathavachak Pandit Devkinandan Thakur asked this question to opposition leaders कानपुर पहुंचे विख्यात कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर ने विपक्षी पार्टियों के नेताओं से सवाल किया। बोले दिल पर हाथ रख कर बताओ कि यदि देश में हिंदू सुरक्षित नहीं है तो क्या प्रधानमंत्री बन सकते हो? उन्होंने यह सवाल अखिलेश यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उद्धव ठाकरे, ने ममता बनर्जी सहित सभी विपक्षी नेताओं से किया है। देवकीनंदन ठाकुर कानपुर में विश्व शांति सेवा समिति के नए कार्यालय का उद्घाटन करने के लिए आए थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसके पहले विश्व शांति सेवा समिति के नए कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्त मौजूद थे।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर पहुंचे कथा वाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश की हिंसा बंगाल तक पहुंच गई है। दलित माता बहनों पर हमला किया जा रहा है। लोग घर छोड़ कर भाग रहे हैं। हमें यह सोचना होगा कि अपने ही देश में कब तक हमें मारा काटा जाएगा और हम भागते रहेंगे। अब मुंह तोड़ जवाब देने का समय आ गया है। भागने से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि हम सभी सनातनी है।्् यदि हिंदू नहीं बचा तो भारत भी नहीं बचेगा। ऐसे में क्या आप मुख्यमंत्री, सांसद, प्रधानमंत्री बन पाएंगे?

पति-पत्नी के बीच हिंसा पर व्यक्त की चिंता

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि समाज में काफी विकृति आई है। कहीं पत्नी पति की हत्या करवा रही है। कहीं पति पत्नी को मार रहा है। इसका मुख्य कारण रामायण को नहीं पढ़ना है। हमें रामायण पढ़नी चाहिए। शास्त्रों का मतलब ज्ञान से है, जबकि धर्मशास्त्र हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। ‌‌‌बांग्लादेश में जमकर हिंसा हुई

बांग्लादेश में जमकर हिंसा हुई

बांग्लादेश की हिंसा पर और बंगाल की हिंसा पर भी उन्होंने कड़ी प्रक्रिया दी बोले जब कानपुर में कथा करने के लिए आए थे तो बांग्लादेश में हिंसा चल रही थी और अब वक्त संशोधन बिल पास होने के बाद मुर्शिदाबाद बंगाल में हिंसा हो रही है।