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यह मंदिर भ्रष्टचारियों पर रखता है नजर, CM योगी बेदाग तो अखिलेश-मायावती हैं दागदार

यूपी के सबसे करप्ट नेताओं में से मायावती का नाम सबसे पहले पायदान पर है...
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Temple for leaders in Kanpur UP news

यह मंदिर भ्रष्टचारियों पर रखता है नजर, CM योगी बेदाग तो अखिलेश-मायावती हैं दागदार

कानपुर. देश में सैकड़ों मंदिर हैं, जहां इमानदार, अपराधी और भ्रष्टाचारी जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। लेकिन कानपुर में कल्याणपुर स्थित भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि मंदिर है, यहां भ्रष्ट नेता, ब्यूरोकेट्स, वकील, जज और प्लेयर्स के आने पर रोक लगी हुई है। भगवान शनि ने इनसब की कुंडली बनाई हुई है और उसे विधिवत मिंदर परिसर पर चस्पा कर रखा है। मंदिर की लिस्ट में यूपी के सबसे करप्ट नेताओं में से मायावती का नाम सबसे पहले पायदान पर है, जबकि दूसरे नंबर पर मुलायम सिंह तो तीसरे में अखिलेश और चौथे शिवपाल यादव के नाम दर्ज हैं। जबकि जबकि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा बेदाग हैं इन्हें पर प्रवेश की अनुमति बकायदा लिखकर दी गई है। वहीं दूसरे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या मेयर प्रमिला पांडेय, मंत्री सतीश महाना और सत्यदेव पचौरी का नाम भ्रष्ठ नेताओं की लिस्ट में दर्ज है।

कईयों के प्रवेश पर रोक

कल्याणपुर के पास भ्रष्ट तंत्र विनाशक शनि भगवान के नाम से एक मंदिर है। यहां पर देश के 70 राजनेता, 27 ब्योरोकेट्स के साथ आईएएस, आईपीएस, जज, वकील समेत 80 लोगों की एंट्री रोक लगा रखी गई है। मंदिर की लिस्ट में पहले यूपी के नेताओं के अलावा ब्यूरोकेट्य जज और वकीलों के नाम फोटो सहित मंदिर की दिवारों में चस्पा हैं। सूची में मुलायम सिंह, मायावती, अखिलेश यादव, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, मेयर प्रमिला पांडेय जैसे कई बड़े नेताओं, ब्योरोकेट्स व जजों की फोटो व नाम लिखे हैं, जिनकी एंट्री पर रोक लगी है। मंदिर के संरक्षक रॉवी शर्मा ने बताया कि देश में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को देखकर वो बहुत परेशान रहते थे और इसी के चलते मंदिर के जरिए इन्हें बेनकाब करना चाहते हैं। शर्मा ने कहा सीएम योगी की पूरी कुंडली खंगाली गई और पूरे जीवनकाल में उन्होंने झूठ और करप्शन नहीं किया, इसलिए भगवान की नजर में वो इमानदार है और उनके मंदिर में प्रवेश की खुली छूट है।

बढ़ रहे भष्टचार के चलते बनवाया मंदिर

संरक्षक रॉवी शर्मा ने बताया कि देश में एकाएक भ्रष्टचार की बढ़ोतरी को देखकर 2012 में मंदिर का निर्माण कराया था। वो इस मंदिर के जरिए देश के राजनेताओं, ब्योरोकेट्स और जजों को पैगाम देना चाहते हैं कि भ्रष्टचार कर अपनी तिजोरी भर रहे हैं, उसे भगवान शनि देख रहे हैं। जिसकी सजा वो आज नही ंतो कल जरूर देंगे। शर्मा कहते हैं कि हर छह माह में बकाएदा नेताओं के कार्यो की मौनीटरिंग की जाती है। उनकी आए और सम्पत्ति का लेखा-जोखा देखा जाता है और फिर करप्ट मिलने पर फोटो सहित उसका नाम दीवार में चस्पा कर मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी जाती है। कानपुर के पूर्व डीएम कौशल किशोर को सबसे भ्रष्ठ ब्यूरोकेट्स का तमगा दिया गया, वहीं सुरेंद्र सिंह का नाम इमानदार अफसर के रूप में दर्ज है।

शनि के साथ इनकी लगी हैं मूर्तियां

मंदिर में शनि देव की तीन मूर्तियों के साथ ब्रह्मा की मूर्ति ऐसे रखी गयी है, जिससे लगता है कि ब्रह्मा सीधे शनि देव को देख रहे हों। इन मूर्तियों के साथ ही एक मूर्ति हनुमान की भी स्थापित की गई है, क्योंकि कहा जाता है कि हनुमान भक्तों पर शनि की विशेष कृपा होती है। मंदिर के संरक्षक ने कहा कि, मेरा अनुरोध है कि लोग भ्रष्ट अधिकारियों, नेताओं-मंत्रियों और जजों को भगवान ना समझें, उनका बहिष्कार करें। इसलिए मंदिर में भ्रष्टाचारियों की एंट्री पर बैन है। इन लोगों की मंदिर में बकायदा फोटो भी लगाई गई है। रॉवी ने बताया कि मंदिर पर पूजा पाठ करने के लिए ब्राम्हण के बजाय दलित को रखा गया है। मंदिर शनिवार को आम जनता के लिए खोला जाता है और भक्त शनि के दरबार पर हाजिरी लगाकार भ्रष्टाचार नहीं करने की कसमें खाते हैं।

20 साल की जाएगी समीक्षा

मंदिर के इंट्री गेट पर लिखा है, अगर आपकी कोई मनोकामना पूरी होती है तो मंदिर में घंटा आदि चढ़ाकर हमें चौकीदार न बनाएं। इसकी जगह गरीब बच्चों को स्कूल बैग बांट दें। मंदिर में लाउडस्पीकर लगाकर पड़ोसियों की शांति भंग नहीं की जाती। प्रवेश के अधिकार प्रबंधन के पास सुरक्षति हैं, यह आम जनता के लिए खुला है लेकिन पूर्व और वर्तमान भ्रष्ट मंत्री, सांसद, विधायक और जजों की एंट्री बैन है। इस शर्त की 20 साल बाद अगर स्थित सुधरी तो दोबारा समीक्षा की जाएगी। रॉबी शर्मा ने बताया, मंदिर में भ्रष्टाचारियों की एंट्री बैन है, लेकिन आम जनता के लिए इस मंदिर का दरवाजा हमेशा खुला है। यहां प्रसाद चढ़ाना या रुपया चढ़ाना मना है, साथ ही शनिदेव को तेल चढ़ाना भी मना है।

मंदिर की डायरी पर ये सबसे बड़े भष्टाचारी

मंदिर में यूपी के करीब 8 अधिकारियों और देश के 55 प्रमुख नेताओं के फोटो लगे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पी चिदंबरम, शीला दीक्षित, नितिन गडकरी, और लाल कृष्ण आडवाणी जैसे दिगज्जों को भ्रस्ट नेताओं में शामिल किया गया है। इसके अलावा बसपा सुप्रीमो मायावती, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का भी फोटो शामिल हैं। जजों और प्रमुख वकीलों के फोटो भी लगाए गए हैं, जिन्हे भ्रस्ट माना गया है। मंदिर में कानपुर के पूर्व डीएम कौशल राज शर्मा, यूपी के प्रमुख सचिव आलोक रंजन और कानपुर विकास प्राधिकरण की पूर्व उपाध्यक्ष जय श्री भोज का फोटो भी लगा है। सबसे बड़ी बात यह है कि देश के सभी राजनीतिक दलों में सबसे कम करप्ट नेता भाजपा के हैं।

ब्रम्हा पर भी रखते हैं शनिदेव नजर

इस मंदिर की विशेषता यह है कि मंदिर के बीचों-बीच शनि देव की तीन मूर्तिया एक दूसरे की तरफ पीठ कर के लगी हैं। इस तरह एक शनि देव की दृष्टि पूरी संसद, राज्य सभा और वर्तमान नेताओं की फोटोज पर पड़ती है, फिर वो चाहे मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी या राहुल गांधी ही क्यों ना हों या फिर मौजूदा समय देश के प्रधानमंत्री ’नरेंद्र मोदी’। इसी तरह दुसरे शनि देव की दृष्टि, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और न्यायाधीशों की तस्वीरों पर पढ़ रही है। और तीसरी मूर्ति की दृष्टि के बारे में जान कर आपको आश्चर्य होगा की शनि देव की पूर्ण द्रष्टि “ब्रह्मा जी“ पर भी पढ़ रही है कारण यह कि उन्हीं के द्वारा इस तरह की श्रष्टि की रचना की गयी है जिसमें इतने भ्रष्ट लोग पैदा हो गए। यानी अब ब्रह्मा जी भी संभल जाएं और भ्रष्ट लोगों को ना पैदा करें।