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रोडवेज की खास कार्ययोजना, 20 दिसंबर से बीस और ई-बसों की सौगात, किराया महज 5 रुपए

कानपुर नगर में 40 के बाद अब 20 और ई-बसें शुरू होंगी। कबिनेट मंत्री सतीश महाना के क्षेत्र के छह नए रूट के लिए कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इन बसों के संचालन से लोगों को बड़ी राहत के साथ प्रदूषण कम होने की भी काफी संभावना है।
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कानपुर

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Arvind Kumar Verma

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Updated: 15 Dec 2021, 1:18 PM IST

रोडवेज की खास कार्ययोजना, 20 दिसंबर से बीस और ई-बसों की सौगात, किराया महज 5 रुपए

रोडवेज की खास कार्ययोजना, 20 दिसंबर से बीस और ई-बसों की सौगात, किराया महज 5 रुपए

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. कानपुर को ई-बसों की सौगात मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। वहीं अब कानपुर के छह अन्य रूटों पर इन बसों (E-Bus) के संचालन को लेकर कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड (E-Bus in Kanpur) की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इन रूटों पर 20 दिसंबर से 20 और ई-बसें चलने लगेंगी। यह प्रस्ताव कैबिनेट मंत्री (Cabinet Minister) सतीश महाना के विधानसभा क्षेत्र में सिकठिया से बड़ा चौराहा वाया घंटाघर तक ई-बस चलाने का रखा गया था। जिसका न्यूनतम किराया पांच रुपये बताया गया है।

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बसों में गुटखा या सिगरेट पर सख्त हिदायत

दिसंबर अंत तक 20 और ई-बसें चलने के बाद कुल संचालित बसों की संख्या 60 हो जाएगी। पहले चरण में 100 में 60 बसें चलेंगी। धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जाएगी। हालांकि जाम और अतिक्रमण के कारण पहले से संचालित 20 बसें रफ्तार नहीं पकड़ पा रहीं हैं। बताया जा रहा है कि इन बसों में गुटखा खाने या ले जाने पर सख्त पाबंदी है। इलेक्ट्रिक बस सेवा के क्षेत्रीय प्रबंधक डीबी सिंह के मुताबिक ई-बसों में सफाई का बेहद ध्यान रखा जा रहा है। कोई यात्री गुटखा खाते या किसी की जेब में गुटखा, सिगरेट मिली तो उसे उतार दिया जाएगा। सभी ई-बसों के कंडक्टरों और चेकिंग स्टाफ को हिदायत दी गई है।

इन ई-बसों के चलने से प्रदूषण में आएगी कमी

ई-बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। 11 दिसंबर से शुरू हुईं 20 इलेक्ट्रिक बसों की कमाई धीरे-धीरे बढ़ रही है। पहले दिन 18 हजार रुपये की कमाई हुई थी। चौथे दिन यह 90 हजार रुपये पहुंच गई। अफसरों के मुुताबिक एक लाख प्रतिदिन की आय पहुंचने पर ई-बसों का संचालन फायदे का सौदा साबित होने लगेगा। साथ ही विज्ञापन समेत अन्य स्रोतों से आमदनी बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने का प्रयास होगा।