कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान हंगामा हो गया। मंदिर के महंत जितेंद्र दास और कृष्ण दास ने बताया, रथयात्रा निकलने से पहले पुलिस अधिकारी उनके पास पहुंचे और बैंड में दो स्पीकर लगाने को कहा। इसका हमने विरोध किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की।
कानपुर : कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान हंगामा हो गया। यात्रा में लाउडस्पीकर लगाने को लेकर पुलिस और पनकी हनुमान मंदिर के महंत के बीच विवाद हुआ। रथ यात्रा में चलने वाले लोडर पर कई स्पीकर लगे थे। पुलिस प्रशासन ने सिर्फ दो लगाने की अनुमति दी थी। इसको लेकर विवाद हुआ। इसके बाद सैकड़ों समर्थक नयागंज पीपल वाली कोठी पर धरने पर बैठ गए।
मंदिर के महंत जितेंद्र दास और कृष्ण दास ने बताया, रथयात्रा निकलने से पहले पुलिस अधिकारी उनके पास पहुंचे और बैंड में दो स्पीकर लगाने को कहा। इसका हमने विरोध किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की।
दरअसल, पुलिस प्रशासन का कहना था कि रथयात्रा में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध है। इसके बाद समर्थकों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। फिलहाल पुलिस के अधिकारी मौके पर समर्थकों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी भी समर्थकों के साथ पहुंचे हैं।
BJP के कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्रीय संयोजक विनोद गुप्ता भी समर्थकों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा- क्या हम पाकिस्तान में रथ यात्रा निकालने जाएंगे। मंदिर से जुड़े 40 मंडल है, जो 210 सालों से यात्रा निकाल रहे हैं, सभी पुलिस के कृत्य के विरोध में हैं। अगर जल्द नाका इंस्पेक्टर को सस्पेंड नहीं किया गया, तो बाजार बंद किया जाएगा।
कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा का इतिहास 215 साल पुराना है। यहां दोपहर ढाई बजे जरनलगंज स्थित जगन्नाथ गली से यात्रा निकली गई। दो दिन चलने वाली यात्रा 28 जून को काहूकोठी, नयागंज चौराहा, हूलागंज, भूसाटोली, नागेश्वर मंदिर, नयागंज चौराहा, मनीराम बगिया, मेस्टन रोड, चौक सर्राफा, कोतवाली चौराहा, शिवाला, संगम लाल मंदिर, कमला टावर, लाठी मोहाल होकर जनरलगंज स्थित जगन्नाथ मंदिर पर खत्म होगी।
पनकी मंदिर के महंत कृष्णदास ने घोषणा कि आरोपी दरोगा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई न होने तक रथयात्रा चालू नहीं होगी। पनकी मंदिर के महंत कृष्ण दास और जितेंद्र दास दोनों से अभद्रता की गई है। लोगों में भारी आक्रोश है। नारेबाजी हो रही है।