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5 साल के मासूम का सिर धड़ से अलग, चादर हटाते ही पिता की निकली चीख… ये मेरा बेटा नहीं

कानपुर एक्सप्रेस-वे पर हुए दर्दनाक बस हादसे में 5 साल के अनुराग समेत 3 की मौत। पिता का रोता-बिलखता दर्द देखकर हर कोई कांप उठा।

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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक परिवार का सब कुछ उजड़ गया। हादसे में 5 साल के अनुराग की मौत हो गई, जबकि उसकी मां गुड्डी गंभीर रूप से घायल हो गई। वह हैलट अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता अजय चौधरी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अस्पताल में पत्नी को भर्ती कराने के बाद तीन साल की बेटी हिमांशी को गोद में उठाए पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। वहां सफेद चादर में लिपटे बेटे के शव को देखकर उनकी आंखों से आंसू रुक नहीं पाए।

अनुराग का सिर बुरी तरह कुचल गया

जब अजय ने बेटे का चेहरा देखने की कोशिश की, तो पुलिसवालों ने रोक लिया। लेकिन वह नहीं माने। जैसे ही चादर हटाई, बेटे का चेहरा नहीं दिखा। पोस्टमॉर्टम कर्मियों ने बताया कि हादसे में अनुराग का सिर बुरी तरह कुचल गया है। यह सुनकर अजय जोर-जोर से चीखने लगे।

अजय चीखते हुए बोले, "हे भगवान, मेरे बेटे के साथ ये क्या हो गया? उसका सिर ही नहीं है! मेरा बच्चा कहां गया… उसने ऐसा क्या किया था कि उसे इतनी भयानक मौत मिली? अब तो मैं उसका चेहरा भी आखिरी बार नहीं देख सकता!" पोस्टमॉर्टम हाउस में उनकी चीखों से हर कोई सन्न रह गया। अजय बार-बार अपने बेटे के शरीर को सहलाते, उसकी जींस और स्वेटर ठीक करते हुए बस एक ही सवाल पूछते रहे- मेरे बेटे का सिर कहां है…?”

सोनबरसा के रहने वाला है परिवार

अजय चौधरी बिहार के शिवहर जिले के सोनवर्षा गांव के रहने वाले हैं। वे दिल्ली के शालीमार बाग में पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे और प्राइवेट नौकरी करते थे। उनकी मां को हार्ट की बीमारी है, इसलिए वह पत्नी और बच्चों के साथ गांव जा रहे थे। कुछ ही दिनों पहले 26 अक्टूबर को अनुराग का जन्मदिन मनाया गया था और बर्थडे गिफ्ट में उसे साइकिल दी गई थी। अजय टूटे हुए दिल से कहते रहे। अब यह साइकिल कौन चलाएगा…?

हादसा मंगलवार तड़के 3.20 बजे कानपुर के अरौल क्षेत्र में आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुआ। दिल्ली के आनंद विहार से बिहार के सिवान जा रही स्लीपर बस (BR21P9389) तेज रफ्तार में थी। बस में कुल 45 यात्री सवार थे। अचानक बस डिवाइडर पर चढ़ी और अनियंत्रित होकर पलट गई। टक्कर की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और कई यात्री दब गए। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 साल के अनुराग, 20 वर्षीय नसीम आलम (बिहार) और 26 वर्षीय शशि कुमार (पश्चिम बंगाल) शामिल हैँ। जबकि 6 बच्चों सहित 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई की हालत गंभीर बनी हुई है।