5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

78 जोड़ें बनेंगे हमराही, राजपूत समाज का विवाह सम्मेलन कल

www.patrika.com
2 min read
Google source verification
karauli hindi news

78 जोड़ें बनेंगे हमराही, राजपूत समाज का विवाह सम्मेलन कल

करौली. राजपूत समाज की ओर से यहां देवउठनी एकादशी के अवसर पर सोमवार को आयोजित होने वाले सातवें सामूहिक विवाह सम्मेलन में 78 जोड़े हमराही बनेंगे।

सम्मेलन की तैयारियों को रविवार को अन्तिम रूप दिया गया। सम्मेलन में राज्य सभा सदस्य अमरसिंह मुख्य अतिथि होंगे। कॉलेज के पीछे वीणा शिक्षा संकुल परिसर में होने वाले सम्मेलन के लिए अलग-अलग लम्बे चौड़े पांडाल बनाए गए हैं, वहीं बड़ा मंच भी बनाया गया है।

तैयारियों का रविवार को राजपूत समाज के जिलाध्यक्ष अजयसिंह ने जायजा लिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष सिंह ने अन्य पदाधिकारियों के साथ व्यवस्थाएं देखी।

सिंह ने बताया कि सम्मेलन में 78 जोड़े परिणय सूत्र बंधन में बंधेंगे। इनमें राजपूत समाज के अलावा ब्राह्मण समाज के दो एवं अग्रवाल समाज के तीन जोड़े भी शामिल हैं। इससे सम्मेलन में एकता एवं समानता के महाकुंभ का नजारा नजर आएगा।

वहीं एक पुर्नविवाह भी होगा। इस मौके पर समाज के महामंत्री जयेन्द्र सिंह एडवोकेट, उधोसिंह एडवोकेट, प्रवक्ता वेदप्रतापसिंह लालाजी, संगठन मंत्री उधोसिंह एडवोकेट, रामकुमार सिंह, टीकाराम मीना, बबलू शुक्ला, जितेन्द्र सिंह पत्रकार, विजयसिंह सहित अन्य मौजूद थे।

यह रहेगा कार्यक्रम
जिलाध्यक्ष अजयसिंह ने बताया कि बारात की चढ़ाई सुबह 10 बजे राजपूत छात्रावास से शुरू होगी। प्रत्येक दूल्हे के अलग घोड़ी की व्यवस्था रहेगी। 11.30-12 बजे के बीच सम्मेलन स्थल पर पहुंचेगी, जहां बारात का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद विवाह की रस्म शुरू होगी।

प्रत्येक जोड़े के लिए पृथक-पृथक पंडित होंगे, वहीं एक मुख्य पंडित होगा। तीसरे पहर तक विवाह की सभी रस्म पूरी होने के बाद दूल्हनों की विदाई की जाएगी। सभी जोड़ों को समिति की ओर से उपहार प्रदान किए जाएंगे।

बनाए अवधपुरी-जनकपुरी
वधु पक्ष के ठहराव के लिए वीणा शिक्षा संकुल परिसर में व्यवस्था कर जनकपुरी नाम दिया गया है, जबकि वरपक्ष के लिए राजपूत छात्रावास में व्यवस्था की है, जिसे अवधपुरी नाम दिया है। कार्यक्रम के तहत सोमवार सुबह 10 बजे बारात की चढ़ाई राजपूत छात्रावास से शुरू होगी, जो 11.30-12 बजे तक जनकपुरी पहुंचेगी, जहां विवाह की रस्म शुरू होगी।

उन्होंने बताया कि सभी जोड़ों के लिए पृथक-पृथक कॉटेज बनाए गए हैं, जिनमें पंडितों द्वारा विवाह की रस्म पूरी कराई जाएंगी। जबकि एक प्रमुख पंडित भी होगा। कन्याओं को समिति की ओर से उपहार भी प्रदान किए जाएंगे।

एक बिटिया को फिर मिलेगी खुशियां
इस बार भी सम्मेलन में एक बिटिया की फिर से दुनिया बसेगी। सम्मेलन में एक पुर्नविवाह होगा। गौरतलब है कि करौली राजपूत समाज के जिलाध्यक्ष अजयसिंह की ओर से पुर्नविवाह की पहल शुरू की गई और अब तक हुए सम्मेलनों में 25 बेटियों को पुर्नविवाह हो चुका है। इस बार 26वां पुर्नविवाह होगा।