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90 दिन भी नहीं चली 90 लाख की सडक़

90 lacs of roads no more than 90 days. Asphalt road created by the imposition of up to nine million rupees in a monthएक माह में उखडऩे लगी 90 लाख की लगात से बनी डामर सडक़,पेंचवर्क कर चला रहे काम
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hindaun karauli news

90 दिन भी नहीं चली 90 लाख की सडक़

हिण्डौनसिटी. कृषि उपज मंडी चौराहे से लपावली गांव तक सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 90 लाख रुपए की लागत से बनाई गई सडक़ एक माह में ही उखडऩे लगी हैं। घटिया निर्माण की पोल खुलने लगी तो अभियंताओं से मिलीभगत कर कमियों को छिपाने के लिए संवेदक द्वारा क्षतिग्रस्त हुई सडक़ पर पेंचवर्क कर पाती लगाई जा रही है।


सूत्रों के अनुसार पीडब्ल्यूडी की ओर से विगत मार्च-अप्रेल माह में 90 लाख रुपए की लागत से कृषि मंडी से लपावली तक सात किलोमीटर लम्बी सडक़ का निर्माण कराया। जिसमें विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत से संवेदक सावित्री कंस्ट्रेक्शन कंपनी ने बगैर मापदंडों के पहले की सडक़ को हटाए बिना ही डामरीकरण कर दिया। इसके एक माह बाद ही गर्मी और तेज धूप के कारण सडक़ जगह-जगह से उखडऩे लगी।

कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री की सभा के दौरान सडक़ पर पेंचवर्क कर घटिया सडक़ निर्माण को छिपाने की कोशिश की गई। लेकिन अब फिर से पैचवर्क भी उखडऩे लगे हैं। जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मामले में गढ़ी मौसमाबाद निवासी आरटीआई कार्यकर्ता जीतेन्द्र सिंह ने कलक्टर व अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंप कर सडक़ निर्माण की जांच कर संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की मंाग की है।

इधर सहायक अभियंता राजराज मीणा का कहना है कि क्षतिग्रस्त हुई सडक़ की मरम्मत कराई जा रही है। संवेदक को अभी तक 15 प्रतिशत राशि का भुगतान ही किया है। निर्माण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।