
सरकार की शपथ के बाद दो राज्यों की सीमा को जोडऩे चंबल नदी पर पुल निर्माण के टेण्डर, करौली दौड़ेगा विकास के पथ पर
करौली. दो राज्यों को जोडऩे वाली मण्डरायल की चंबल नदी पर पुल निर्माण का टेण्डर अब नई सरकार की शपथ के बाद होगा। जिसकी कवायद में विभाग के अधिकारी जुट गए हैं। राजस्थान व मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित मण्डरायल की चंबल नदी पर पुल निर्माण के लिए गत दिनों केन्द्र सरकार ने १२६.७६ करोड़ रुपए का बजट मंजूर कर निर्माण की स्वीकृति जारी की। निर्माण के लिए पर्यावरण स्वीकृति मिलने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने गत माह टेण्डर प्रक्रिया शुरू कर दी। टेण्डर ऑनलाइन अपलोड भी कर दिए,लेकिन विभाग के सॉफ्टवेयर में तकीनीकी खराबी होने से टेण्डर नहीं हो पाए। इसी बीच आचार संहिता लग गई। जिससे टेण्डर की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। सार्वजनिक निर्माण विभाग के सूत्रों ने बताया कि अब सॉफ्टवेयर को ठीक कर लिया तथा कागजात भी पूरे कर लिए हैं। नई सरकार की सपथ के बाद चंबल नदी पर पुल निर्माण के टेण्डर होंगे।
11०० मीटर लम्बाई में बनेगा पुल
सार्वजनिक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों राज्यों की सीमा पर चंबल पुल का निर्माण ११०० मीटर की लम्बाई में होगा। प्रोजेक्ट के अनुसार २३ स्थानों पर ५०-५० मीटर के बीच में निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार मण्डरायल की तरफ से नदी तक ६०० मीटर की एप्रोच सडक़ तथा ११०० मीटर की एप्रोच सडक़ मध्यप्रदेश की सीमा से चंबल नदी तक बनाई जाएगी। पुल १६ मीटर की चौड़ाई का होगा।, जिसमें से मुख्य पुल १२ मीटर की चौड़ाई में बनेगा तथा दो-दो मीटर के पैदल पथ बनाए जाएंगे। विभाग के सहायक अभिंयता शरद मीना ने बताया कि पुल के लिए सात मीटर चौड़ी सडक़ बनाई जाएगी।
लम्बे समय से चल रही मांग
मण्डरायल की चंबल नदी पर पुल निर्माण की मांग लम्बे समय से चल रही है। इस मांग को दो साल पहले करौली में आए केन्द्रीय सडक़ व परिवहन मंत्री नितिन गडक़री ने पूरी की, उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रम में पुल निर्माण की घोषणा की तथा केन्द्रीय सडक़ निधि योजना से १२६.७२ करोड़ रुपए का बजट मंजूर कर निर्माण की स्वीकृति जारी की। राजस्थान सरकार व मध्यप्रदेश सरकार ने निर्माण की सहमति जताकर पर्यावरण स्वीकृति ली है।
अब जल्द होंगे टेण्डर
चंबल नदी पर पुल निर्माण के टेण्डर की प्रक्रिया चुनाव में व्यस्तता की वजह से पूरी नहीं हो पाई, लेकिन जब जल्द टेण्डर होंगे। निर्माण कार्य के आदेश जारी करने में लगभग दो माह का समय लगेगा।
जीएस पुरोहित अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग करौली।
Published on:
15 Dec 2018 06:23 pm
