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कहीं आचार संहित में नहीं फंस जाए करौली के अस्पताल की सडक़

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करौली

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Vinod Sharma

Oct 03, 2018

But the construction work has not started since the tenders are not re

कहीं आचार संहित में नहीं फंस जाए करौली के अस्पताल की सडक़


करौली. मण्डरायल रोड स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण स्वास्थ्य केन्द्र के लिए सरकार ने लम्बे समय के बाद 2 करोड़ 79 लाख रुपए का बजट मंजूर कर दिया। लेकिन टेण्डर जारी नहीं होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। जबकि आचार संहिता लगने में कुछ दिन बाकी है। इससे टेण्डरों के आचार संहिता में फंसने की आशंका उत्पन्न हुई है। सूत्रों ने बताया कि गत साल मुख्यमंत्री करौली आई, तब उनके आदेश पर मातृ एवं शिशु कल्याण स्वास्थ्य केन्द्र को चालू किया। उस समय से सडक़ पर नए निर्माण की प्रक्रिया चालू हो गई। सरकार ने दो माह पहले शिकारगंज से सांकरा चौराहा के नौ किलोमीटर लम्बे मार्ग के लिए 2 करोड़ ९७ लाख ५ हजार रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की। इसके बाद विभाग को तत्काल टेण्डर जारी कर निर्माण कार्य चालू करना था। लेकिन अभी तक टेण्डर जारी नहीं हुए हैं। जानकारों का कहना है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने तत्काल रूप से सडक़ निर्माण कार्य के टेण्डर नहीं किए तो विधनसभा चुनाव के बाद ही टेण्डर जारी होंगे। जिससे क्षेत्र के लोगों को तीन माह और बदहाल सडक़ से गुजरना पड़ेगा।
बदहाल सडक़ से गर्भवती परेशान
शिकारगंज से मातृ एवं शिशु कल्याण स्वास्थ्य केन्द्र की सडक़ पूरी तरह से बदहाल हो गई है। सडक़ पर एक-एक फीट के गहरे गड्ढे है। जिनमें आए दिन टेम्पो, जीप तथा मोटरसाइकिल सवार फंसते रहते है। ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए केन्द्र में लेकर जाते है, तब सडक़ पर हिचकोले खाने से उनकी तबीयत खराब होने की आशंका रहता है। अनेकों बार महिलाओं ने इस प्रकार की शिकायत अस्पताल के चिकित्सकों को अवगत कराई। इसी प्रकार गहरे गड्ढों से वाहन चालकों के साथ दुर्घटना की आशंका रहती है। हालात ये है कि शिकारगंज से सांकरा मोड का नौ किलोमीटर का सफर एक घंटे में पूरा नहीं होता है।
मरीजों से मनमाने पैसे
इस मार्ग की बदहाल हालात के कारण टेम्पो कम संख्या में चलते है। जिससे मातृ एवं शिशु कल्याण स्वास्थ्य केन्द्र में जाने वाले मरीजों से टेम्पो चालक छह किलोमीटर मार्ग के लिए १५० से २०० रुपए तक वसूल लेते है। इस कारण निर्धन तबके के मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस प्रकार की शिकायत का मुद्दा गत दिनों कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में उठा, तब परिवहन विभाग के अधिकारियों को किराया तय करने के निर्देश जिला प्रभारी मंत्री ने दिए। लेकिन अभी तक किराया तय नहीं हुआ है।

अब कवायद चल रही है
अब प्रयास कर रहे है कि आचार संहिता लगने से पहले सडक़ निर्माण के टेण्डर जारी कर दिए जाए। इसकी कवायद चल रही है।
राजवीर सिंह अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग करौली