6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेहन में कायम है जहां हादसे का डर, 8 कक्षाओं में पहुंचे मात्र 23 स्टूडेंट, कहीं फिर न देखना पड़ जाए वो काला दिन

http://patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Google source verification

करौली

image

Vijay ram

Jul 26, 2018

news


करौली.
सूरौठ में सरकारी स्कूलों की बदहाली के बाद हादसों की झड़ी सी लग गई है। यहां एक विद्यालय के जिस प्रांगण में प्रार्थना सभा से लेकर सहपाठियों के साथ धमाचौकड़ी करने वाले बच्चों की आंखों में आज पिछले दिन की घटना का डर साफ दिखा। 247 में से मात्र 23 ही स्कूल आए..

उदासी का बाग स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पट्टियां टूटने से टांके में एक दर्जन बच्चे गिर गए थे। इस हादसे के बाद से ही परिजन भी नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। यहीं वजह रही कि विद्यालय मेंं नामांकित २४७ छात्र-छात्राओं में से महज २३ विद्यार्थी ही विद्यालय पहुंंचे।

बच्चों की जान पर बन आने के मंजर के बाद विद्यालय में शिक्षक तो टाइम पर पहुंंच गए, लेकिन स्कूल में विद्यार्थियों को इक्की-दुक्की आवक रही। निर्र्धारित समय पर कक्षाएं शुरु होने तक सभी आठ कक्षाओं में मात्र २३ विद्यार्थी ही उपस्थित हुए। एक दिन पहले हुए आंखों देखे घटनाक्रम से डरे सहमे बच्चे कक्षों मेंं ही सिमटे बैठे रहे। स्कूल प्रांगण में भी बच्चों के नहीं खेलने से सूनापन सा छाया रहा।

शिक्षक भी घटना के बाद विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे। परिसर में बाहर बैठ शिक्षक स्कूल आने व छुट्टी पर जाने के दौरान बच्चों कीे निगरानी करते नजर आए। इधर विद्यालय दो दर्जन बच्चे आने से कक्षाओं में अध्यापन भी सुचारू नहीं रहा। शिक्षक भी कक्षाओं में उपस्थिति बढऩे पर पढ़ाई कराने की बात कही।

उपनिदेशक पहुंची स्कूल, लिया जायजा
भरतपुर की शिक्षा उपनिदेशक इंद्रासिंह ने मौका स्थिति का जायजा लिया और शिक्षकों व ग्रामीणों ने पूछताछ की। उन्होंंने शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा के लिए सजगता बरतने की हिदायत दी।


जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विभागीय स्तर पर घटना की जानकारी मिलने पर सुबह उपनिदेशक मौके पर पहुंची। जहां उन्होंने प्रधानाध्यापिका मोनिका चौधरी से पूरी जानकारी ली। साथ ही पंचायत शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह डागुर से घटना के बाद राहत बचाव कार्य व आगामी एहतियातों को लेकर चर्चा की।

इस दौरान राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य अंजू पांडेय से स्कूल भवन की स्थित में बारे में जानकारी ली। विद्यालय में उपनिदेशक आने की सूचना पर कुछ अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विद्यालय के जर्जर हाल कक्षा कक्षों को दिखाया। साथ ही विद्यालय प्रांगणों में जान की जोखिम का सबब बने रहे अनुपयोगी टांकों को बंद कराने की मांग की। लोगों का कहना था कि पट्टियां टूटने के साथ ही शिक्षकोंं व ग्रामीणों द्वारा तत्परता नहीं बरती जाती तो, बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
.....