
राजस्थान के करौली के राजकीय सामान्य अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन,गुर्दा रोगियों को मिलेगी राहत
करौली. स्थानीय सामान्य जिला चिकित्सालय में डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन शुक्रवार को प्रमुख चिकित्सा अधिकारी बाबूलाल मीना ने किया। इस दौरान मीना ने कहा कि गुर्दा रोगियों को अब उपचार के लिए जयपुर तथा अन्य अस्पतालों में जाना नहीं पड़ेगा। अस्पताल के उपनियंत्रक डॉ. भुवनेश बंसल ने बताया कि डायलिसिस यूनिट एक कंपनी का माध्यम से संचालित होगी। जिसमें प्रसिद्व चिकित्सक डॉ. प्रकाश व्यास स्थानीय स्तर पर सुविधा देंगे तथा एपेक्स हॉस्पीटल जयपुर के गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजयपाल सिंह माह में एक बार करौली आकर मरीजों का उपचार करेंगे। इससे पहले डॉ. मीना ने डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया। ङल्लेखनीय है कि ३१ जनवरी को राजस्थान पत्रिका में चिकित्सालय में शुरू होगी डायलिसिस सुविधा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें उल्लेख किया था कि उद्घाटन के इंतजार में इस सुविधा को अभी तक शुरू नहीं किया गया। इसके बाद अब यूनिट को शुरू कर दिया गया है।
६ माह पहले मिली
थीं मशीनें
राज्य सरकार की ओर से जिला चिकित्सालय के लिए करीब ६ माह पहले दो डायलिसिस मशीनें उपलब्ध कराई गई थीं। लेकिन लम्बे तक मशीनों का संचालन नियम-शर्तों, मापदण्डानुसार चिकित्सक आदि में उलझा रहा। इससे मशीनें बंद रखी थी। अब डायलिसिस यूनिट के संचालन का जिम्मा पीपीपी मोड़ पर संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया। कम्पनी की ओर से डायलिसिस यूनिट में अन्य सभी व्यवस्थाएं भी कर ली गई हैं।
डायलिसिस शुल्क की यह व्यवस्था
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार डायलिसिस कराने वाले रोगी को शुल्क चुकाना होगा, जबकि बीपीएल, वरिष्ठ नागरिक, कैंसर पीडि़त, महिलाओं के लिए नि:शुल्क व्यवस्था रहेगी। डायलिसिस यूनिट में कार्य के लिए एक स्थानीय सेवानिवृत चिकित्सक नियमित सेवाएं देंगे, जबकि माह में एक बार नेफ्रोलॉजिस्ट सेवाएं देंगे।
डायलिसिस शुल्क की यह व्यवस्था
चिकित्सालय सूत्रों के अनुसार डायलिसिस कराने वाले रोगी को शुल्क चुकाना होगा, जबकि बीपीएल, वरिष्ठ नागरिक, कैंसर पीडि़त, महिलाओं के लिए नि:शुल्क व्यवस्था रहेगी। डायलिसिस यूनिट में कार्य के लिए एक स्थानीय सेवानिवृत चिकित्सक नियमित सेवाएं देंगे, जबकि माह में एक बार नेफ्रोलॉजिस्ट सेवाएं देंगे।
६ माह पहले मिली
थीं मशीनें
राज्य सरकार की ओर से जिला चिकित्सालय के लिए करीब ६ माह पहले दो डायलिसिस मशीनें उपलब्ध कराई गई थीं। लेकिन लम्बे तक मशीनों का संचालन नियम-शर्तों, मापदण्डानुसार चिकित्सक आदि में उलझा रहा। इससे मशीनें बंद रखी थी। अब डायलिसिस यूनिट के संचालन का जिम्मा पीपीपी मोड़ पर संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया। कम्पनी की ओर से डायलिसिस यूनिट में अन्य सभी व्यवस्थाएं भी कर ली गई हैं।
Published on:
01 Feb 2019 09:35 pm
