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डीजेवाले बाबू नहीं बजा सकेंगे आपकी पसंद गाना

डीजेवाले बाबू मेरा गाना चला दे... कह कर डिस्को फ्लोर पर मनपसंद गाने पर नाचने के लिए आपकी फरमाश अब पूरी नहीं हो सकेगी। कॉपीराइट एक्ट के तहत की गई सख्ती के तहत आपको डीजे वाले के पास उपलब्ध लाइसेंशशुुदा गानों पर ही झूमना पडेगा। अगर बिना अनुज्ञाधारक की अनुमति के किसी कंपनी के गाने बजाए तो कॉपीराइट एक्ट के तहत अवैध डाउनलोडिंग और कॉपीराइट उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
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hindaun karauli news

डीजेवाले बाबू नहीं बजा सकेंगे आपकी पसंद गाना

हिण्डौनसिटी. शादी समारोह हो या फिर कोई धार्मिक कार्यक्रम। अब डीजे वाले बाबू आपका मनपसंद गाना नहीं चला सकेंगे। फिल्म या उसके किसी गाने की नकल करने व अनाधिकृत रूप से डीजे या साउण्ड सिस्टम पर गाना बजाने के लिए कॉपीराइट एक्ट के तहत अधिकार प्राप्त कंपनी से अनुमति लेनी होनी।

अगर बिना अनुज्ञाधारक की अनुमति के किसी कंपनी के गाने बजाए तो कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई कर सामान जब्त किया जाएगा। दरअसल पायरेसी के इस कारोबार पर लगाम कसने के लिए सरकार ने फरवरी माह में गृह विभाग को आदेश जारी किए थे। जिसकी पालना में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(अपराध शाखा) ने पांच मार्च को सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक फिल्म व उसके किसी भाग के अलावा गानों की डाउनलोडिंग के लिए लाईसेंस लेना होता है। इसके बाद अनुज्ञापत्र धारक को नियमित सर्विस टेक्स अदा करना होता है। लेकिन हिण्डौनसिटी समेत पूरे करौली जिले में सरकारी नियमों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। हिण्डौन, करौली, टोडाभीम, सूरौठ, श्रीमहावीरजी, मासलपुर, मंडरायल, नादौती व सपोटरा में मोबाइल विक्रेता, फोटोग्राफी, डीजे साउंड संचालकों की करीब ४०० से ५०० दुकानों पर डाउनलोडिंग का कार्य किया जा रहा है।
जहां अश्लील फिल्मों की क्लिीपिंग, फिल्म व एलबलों के अलावा म्यूजिक कंपनियों के गाने अवैध तरीके से डाउनलोड किए जाते हैं। लेकिन अधिकांश दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं है।


चलन बढ़ा तो बढ गई दुकानों की संख्या-
डिजीटलाईजेशन के दौर में युवाओं से लेकर बच्चे और वृद्ध भी स्मार्टफोन का उपयोग करने लगे हैं। इससे गाने, रिंगटोन, फिल्मी दृश्य आदि को डाउनलोड करने की डिमांड भी बढ़ गई है। कम्प्यूटर से मोबाइल में डाउनलोडिंग कर खासी कमाई होने के चलते शहर में दुकानों की बाढ़ आ गई है। जहां मोबाइल एसेसरीज व रिचार्ज की आड़ में अवैध डाउनलोडिंग का धंधा जोर पकड़ रहा है।


क्या है कॉपीराइट का उल्लंघन-
बिना अनुमति किसी और के स्वामित्व वाले गाने, फिल्म, रचना व अन्य कोई कृति को प्रकाशित करना व उसका लाभ लेना। तथा सार्वजनिक स्थानों पर अपने व्यावसायिक लाभ के लिए उपरोक्त गाने, फिल्म या रचना को दिखाने व सुनाने को कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन माना गया है।

तीन साल की कैद व दो लाख के जुर्माने का है प्रावधान-
वरिष्ठ अधिवक्ता शांतिलाल करसोलिया ने बताया कि कॉपीराइट के उल्लंघन पर नजदीकी थाने में शिकायत लिखी जाती है। कॉपीराइट के जानबूझकर उल्लंघन के लिए दुष्प्रेरणा को दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। इसके लिए दोषी को न्यूनतम 6 माह कारावास एवं पचास हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। अधिकतम सजा तीन वर्ष के कारावास और दो लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।

पुलिस कार्रवाई ऊंट के मुंह में जीरा-
कानूनी तौर पर पुलिस कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन करने वालों पर स्वविवेक से कार्रवाई कर सकती है। लेकिन पुलिस ऐसा करने के बजाए कंपनी के प्रतिनिधियों की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करती हैं। शहर की पुलिस ने वर्ष २०१९ में अवैध डाउनलोडिंग करने पर महज दो फोटो ग्राफरों के विरुद्ध कार्रवाई की हैं। जो ऊंट के मुंह में जीरा पुलिस की नजर में सैंकड़ों ऐसी दुकानें है, जहां अवैध डाउनलोडिंग का अवैध कारोबार परवान चढ़ रहा है।

करेंगे कार्रवाई-
अवैध डाउनलोडिंग व डीजे पर बिना अनुमति गाना बजाने के मामले में कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विशेष टीम गठित की जा रही है।
-रूपसिंह जाटव, थानाप्रभारी,
कोतवाली हिण्डौनसिटी।