
7 करोड़ के बकाया के बोझ से दबी परिषद, बजट अभाव में बिजली कनेक्शनों की राशि नहीं हो पा रही जमा
करौली. वित्तीय वर्ष के अन्तिम माह में करोड़ों की वसूली के जतन में जुटे विद्युत निगम को अकेले नगरपरिषद की बकाया 7 करोड़ से अधिक की राजस्व राशि सिरदर्द बनी हुई है।
पत्र दर पत्र और मौखिक रूप से अवगत कराने के बाद भी बकाया का चुकारा नहीं हो पाने से विद्युत निगम का बकाया राशि का आंकड़ा बढ़ा हुआ है, वहीं नगरपरिषद भी बिना बजट के इस राशि के चुकारे में बेबस है।
ऐसे में जहां एक ओर नगरपरिषद को बिजली कनेक्शनों के कटने की आशंका सता रही है, वहीं दूसरी ओर विद्युत निगम भी माह दर माह बढ़ती बकाया राशि को लेकर पसोपेश की स्थिति में है। पसोपेश इस मायने में की कनेक्शन काटते ही शहर में पेयजल की समस्या खड़ी हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार शहर में पिछले कुछ दिनों से आई पानी की समस्या भी इसी का नमूना है।
यह है कनेक्शन-राशि का आंकड़ा
विद्युत निगम सूत्रों के अनुसार विद्युत निगम के नगरपरिषद पर करीब 7 करोड़ 35 लाख रुपए का राजस्व बकाया है, जिसे चुकाने के लिए परिषद के पास इतना बजट ही नहीं है। शहरी जल योजना का जिम्मा संभालने वाली परिषद के नाम करीब 61 विद्युत कनेक्शन हैं, जिनमें नलकूप, पम्प आदि के कनेक्शन शामिल हैं। बकाया राशि का यह मामला जिला प्रशासन के समक्ष भी पहुंच चुका है।
इनका कहना है
बकाया राशि को जमा कराने के लिए कई बार नगरपरिषद को पत्र लिखे हैं। माह दर माह राशि बढ़ रही है, लेकिन परिषद ने अभी राशि जमा नहीं कराई है। हालांकि अभी कोई कनेक्शन नहीं काटे गए हैं।
आरसी शर्मा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम करौली
--हमारे पास इतना बजट नहीं है। उच्चाधिकारियों को बजट के लिए लिखा गया है।
दीपक चौहान, आयुक्त, नगरपरिषद करौली
बिना बिजली गड़बड़ाई जलापूर्ति, लोगों ने की कलक्टर से शिकायत
करौली. शहर के विभिन्न इलाकों में पिछले दो-तीन दिन से गड़बड़ाई जलापूर्ति व्यवस्था से शहरवासी त्रस्त हैं। इसे लेकर शुक्रवार सुबह तांबे की टोरी के बाशिंदे जिला कलक्टर के यहां भी पहुंचे और समस्या से अवगत कराया है। इसके बाद प्रशासन, विद्युत निगम और नगरपरिषद के अभियंता हरकत में आए और बिजली व्यवस्था को सुचारू किया।
तांबे की टोरी के मोहल्ले के शिवकुमार शर्मा, लीलाधर शर्मा, वीरेन्द्र शर्मा आदि ने बताया कि दो दिन से मोहल्ले में नलों से जलापूर्ति नहीं हो रही। गुलाब बाग स्थित टंकी से होने वाली जलापूर्ति व्यवस्था ठप है। इससे कई कॉलोनियों के लोग पेयजल को भटकने को मजबूर हैं। इसी प्रकार सायनात खिड़किया इलाके में भी जलापूर्ति गड़बड़ाई हुई है।
लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति का जिम्मा नगरपरिषद के पास है।
इसलिए आई परेशानी
असल में नलकूप के बिजली कनेक्शनों के ट्रांसफॉर्मरों में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते नलकूप बंद हो गए और पानी उत्पादन नहीं होने से टंकियों में पानी नहीं पहुंचा, जिसके चलते जलापूर्ति गड़बड़ा गई। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता आरसी शर्मा ने बताया कि ट्रांसफॉर्मरों में तकनीकी खराबी की जानकारी सामने आने के बाद शुक्रवार को दोनों ट्रांसफॉर्मरों को दुरुस्त करा दिया गया है।
अब सुचारू हो गई है जलापूर्ति
बिजली की अव्यवस्था के कारण जलापूर्ति बाधित हुई थी। शुक्रवार को विद्युत निगम ने बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया, जिसके बाद जलापूर्ति सुचारू हो गई है।
रविन्द्र, सहायक अभियंता, शहरी जल योजना
Published on:
23 Mar 2019 04:31 pm
