
लबालब हुए तालाबों से गांवों की बदलने लगी है फिजां
मनरेगा में बने तालाबों से पेयजल-सिंचाई संकट से मिली राहत
करौली. ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से मनरेगा के तहत करौली पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के लिए कराए गए कार्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों की फिजां बदलने लगी है। दशकों से पानी के संकट से त्रस्त ग्रामीण अब पेयजल और सिंचाई संकट से निजात मिलने पर गदगद हैं।
विभागीय सूचना के अनुसार वर्ष 2016 -17 से वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत रामपुर धाबाई में कऊआ खो धायपुरा में मनरेगा के तहत 25 लाख रुपए की लागत से तालाब पर एनीकट मरम्मत एवं सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया।
इससे तालाब में करीब 28 फीट तक पानी भरने से लबालब है। सरपंच रामसिंह माली सहित ग्रामीण बताते हैं कि तालाब से आसपास के 15 से अधिक गांवों के कुओं-नलकूपों का जलस्तर बढ़ गया। सिंचाई संकट खत्म होने से फसल उत्पादन भी दो गुना तक बढ़ गया है।
वहीं क्षेत्र के पशुओं को भी पानी की समस्या से निजात मिली है। पहले पानी के संकट से बड़ी मात्रा में फसल बंजर रह जाती थी, लेकिन अब उत्पादन बढ़ गया है। वहीं तालाब में मछली उत्पादन भी होने लगा है।
इसी प्रकार खूबनगर पंचायत के केसोपुरा गांव में बना एनीकट भी ग्रामीणों को खुशी देता है। ग्रामीण तेजसिंह गुर्जर, राजू गुर्जर बताते हैं कि पहले गांव में पानी का संकट बना रहता। मनरेगा के तहत करीब 18 लाख रुपए की राशि से बने एनीकट से राहत मिली है।
खनन क्षेत्र में बसे इस गांव में एनीकट बनने से न केवल गांव का बल्कि आसपास के गांवों की भूमि भी सिंचित हुई है, जिससे गेहूं सहित अन्य फसलें क्षेत्र में लहलहाने लगी हैं।
जलस्तर बढऩे से पेयजल संकट से भी निजात मिली है। इसी प्रकार गुबरेड़ा पंचायत के ग्राम ठेकरा की 200 बीघा भूमि पर 2017-18 में चारागाह विकास के तहत नीबू के 20 हजार पौधे रोपित किए गए।
वहीं मासलपुर पंचायत की करीब एक हजार बीघा भूमि पर 35 लाख रुपए की स्वीकृति से 10 हजार बबूल के पौधे रोपित किए हैं।
मनरेगा के अधिशासी अभियंता बद्रीप्रसाद शर्मा की देखरेख में हुए इन विभिन्न कार्यों से जहां क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार मिला, वहीं ग्रामीण इलाको में विकास की शुरूआत भी हुई।
इन कार्यो का जायजा लेने के लिए मीडिया टीम मंगलवार को पहुंची। इस दौरान ग्रामीणों ने कार्यो को लेकर सराहना की।
इस मौके पर मनरेगा के अधिशासी अभियंता बद्रीप्रसाद शर्मा, जिला आईईसी समन्वयक अजय सिंह जादौन, पर्यवेक्षण समन्वयक रिषी शर्मा, पंचायत समिति के पंचायत प्रसार अधिकारी विष्णु गुप्ता सहित जिला परिषद के अन्य कार्मिक एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, कनिष्ठ सहायक एवं ग्राम रोजगार सहायक व सरपंच उपस्थित थे।
Published on:
26 Dec 2018 11:45 am
