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आरक्षण पर 15 दिन में कुछ करे सरकार, नहीं तो गुर्जर समाज फिर हो जाएगा तैयार

Government should do something in the 15 days on reservation, otherwise Gurjar society will be ready again.Government is not serious on compliance with the agreement, Col. Baisala is angry.In the meeting of the Gujjar Reservation Conflict Committee, the government has given 15 daysसमझौते की पालना पर गंभीर नहीं सरकार,कर्नल बैसला हैं नाराज, गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक में सरकार को 15 दिन की दी मौहलत
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hindaun karauli news

आरक्षण पर 15 दिन में कुछ करे सरकार, नहीं तो गुर्जर समाज फिर हो जाएगा तैयार


हिण्डौनसिटी.
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला आरक्षण के मामले में एक बार फिर राज्य सरकार के रवैए से नाराज हैं। शुक्रवार को संघर्ष समिति की बैठक के बाद बैंसला ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सवाईमाधोपुर के मलारना में हुए रेल रोको आंदोलन के तहत हुए समझौते पर सरकार अमल नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी कि आरक्षण पर 15 दिन में कुछ करे सरकार, नहीं तो गुर्जर समाज फिर तैयार हो जाएगा। समझौते के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो गुर्जर समाज चुप नहीं बैठेगा।


बैसला के वर्धमान नगर स्थित आवास पर शाम को हुई बैठक में 15 जिलों से आए समिति के दो दर्जन से अधिक सदस्यों ने समझौते के बिन्दुओं और पालना पर चर्चा की। बैंसला ने कहा पिछले गुर्जर आंदोलन के तीन गुर्जर मृतकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी नहीं मिली है।

वहीं मलारना आंदोलन के बाद 13 फरवरी को लागू किए अतिपिछड़ा गांव के 5 फीसदी आरक्षण के तहत प्रक्रियाधीन भर्तियों में गुर्जर, रेवारी, बंजारा, गाडिया लोहार आदि जातियों के अभ्यर्थियों को आरक्षण नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि रीट-2018 सहित प्रदेश में 30 विभागों में भर्ती प्रक्रियाधीन हैं। पूर्ववर्ती सरकारों ने भी नर्सिंग व कनिष्ठ लेखाकार की भर्ती में समझौते के मुताबिक आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कहा कि गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना भी समझौते में शुमार था, लेकिन सरकार ने इस पर भी सकारात्मक अमल नहीं किया है। संघर्ष समिति के प्रवक्ता एडवोकेट शैलेंंद्र सिंह ने पांच फीसदी आरक्षण नहीं मिलेगा तो समाज चुप नहीं बैठेगा। कर्नल बैसला के निर्देश पर 15 दिन में बड़़ा फैसला लिया जाएगा। बैठक में कैप्टन जगरराम, मनफूल पटेल, भूरा भगत, लक्ष्मीनारायण तुंगा, जीतू तंवर, हरदेव पावटा, हनुमानसिंह झुुंझुनूं सहित अनेक लोग मौजूद थे।

राजनीति अलग, ये समाज का मामला है-
कर्नल बैसला ने कहा कि वे भाजपा में स्वेच्छा से शामिल हुए हैं। आरक्षण पर उन्होंने भाजपा आलाकमान के समक्ष कोई शर्त नहीं रखी। आरक्षण सामाजिक हक है। इसके लिए गुर्जर समाज ओर संघर्ष समिति एकजुुट है। शैलेंद्र सिंह ने भी कहा कि गुर्जर समाज में कांग्रेस, भाजपा, बसपा और अन्य दलों से जुड़ाव रखने वाले लोग हैं। राजनीतिक विचारधारा अलग है,लेकिन समाज का मंच एक है।

थानागाजी गैंगरेप के आरोपियों के मिले कठोर सजा-
कर्नल किरोडी सिंह बैसला ने थानागाजी गैंगरेप कांड की भत्र्सना की। साथ ही सभी आरोपियों को कठोर सजा मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज में बहन-बेटियों की सभी की समान है। इज्जत पर हाथा डालने का दुस्साहस करने वालों के प्रति कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।