4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आरक्षण आंदोलन को लेकर गुर्जर समाज ने भरी ‘हुंकार’, कहा – ‘आरक्षण के लिए लडेंगे आर-पार की लड़ाई’

आरक्षण आंदोलन को लेकर गुर्जर समाज ने भरी 'हुंकार', कहा - 'आरक्षण के लिए लडेंगे आर-पार की लड़ाई'
2 min read
Google source verification

करौली

image

rohit sharma

Feb 05, 2019

gurjar

gurjar

करौली।

पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज एक बार फिर आंदोलन की तैयारी में है। समाज का कहना है कि इस बार आरक्षण के लिए आर-पार की अंत तक लड़ाई लड़ी जाएगी। आठ फरवरी तक सरकार ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं करने के बाद कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के आदेशानुसार समाज आंदोलन के लिए तैयार है।

करौली के समीप गुर्जर बाहुल्य गुड़ला गांव में मंगलवार को गोली सूबेदार की अध्यक्षता में समाज के लोगों की बैठक में वक्ताओं ने रोष जताते हुए कहा कि लम्बी लड़ाई लडऩे के बाद भी समाज को पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं मिला है।

समाज के भानूप्रताप उर्फ बटरू गुर्जर ने कहा कि इस बार समाज आरक्षण की खातिर आर-पार की लड़ाई लड़ेगा और अपना हक लेकर रहेगा। उन्होंने कहा कि आठ तारीख तक सरकार जाग जाए और तीन मांगों पांच प्रतिशत आरक्षण, आठ लाख रुपए की क्रीमियर लागू करने तथा रुकी हुए बैक लॉग भर्तियां करने की मांग को पूरा करें, अन्यथा आंदोलन करेंगे।

आरक्षण संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी हाकिम सिंह ने कहा कि आरक्षण को लेकर पूरा समाज एकजुट है और अब कर्नल बैंसला के आदेश का इंतजार है। यदि आठ फरवरी को मलारना डूंगर में आंदोलन शुरू होता है तो करौली इलाके में भी सड़क जाम करने के साथ आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इसी क्रम में शीशराम गुर्जर ने कहा कि आरक्षण के लिए समाज फिर आंदोलन करेगा। बैठक में कर्नल बैंसला के आदेश के अनुसार आंदोलन के लिए आगे की रणनीति बनाने का निर्णय किया गया है। आरक्षण के लिए चाहे रेल रोकनी पड़े चाहे सड़क हम तैयार हैं। कसाने का नंगला के बादाम पटेल बोले कि आरक्षण को लेकर राजनीतिक लोगों ने समाज को बहलाया है। झूठे आश्वासन देकर उधर-उधर घूमाते रहे हैं। अफवाहें फैलाई जाती है कि गुर्जर समाज दो धड़ों में बंट गया है, लेकिन ऐसा नहीं है समाज एक है और एक रहेंगे। कर्नल बैंसला जैसा आदेश देंगे हम एकता से उसकी पालना करेंगे।

सवर्णों को आरक्षण का सम्मान

इस मौके पर सवर्ण समाज को दिए गए दस प्रतिशत आरक्षण का सम्मान किया गया। भानूप्रताप गुर्जर ने कहा कि हम सवर्ण समाज के लिए आरक्षण का सम्मान करते हैं, लेकिन हमे दुख है कि 18 वर्ष से पांच जातियां आरक्षण के लिए संघर्ष कर रही हैं। लेकिन सरकार नहीं सुन रही। जबकि जो भी कमेटी बनी है उन्होंने गुर्जरों सहित अन्य चार जातियों को आरक्षण की सिफारिश की है।