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तीन दिन बाद खुली कृषि उपज मंडी, सवा करोड़ रुपए का हुआ कारोबार

यूजर चार्ज के विरोध में व्यापारियों की प्रदेश स्तरीय कारोबार बंदी हड़ताल के खत्म होने से 3 दिन बाद कृषि उपज मंडी में नीलामी शुरू होने से रौनक लौट आई।

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फोटो पत्रिका

हिण्डौनसिटी। यूजर चार्ज के विरोध में व्यापारियों की प्रदेश स्तरीय कारोबार बंदी हड़ताल के खत्म होने से 3 दिन बाद कृषि उपज मंडी में नीलामी शुरू होने से रौनक लौट आई। सोमवार को विभिन्न जिसों के करीब चार हजार कट्टों की जिंसों की तुलाई होने से सून पड़े यार्डों में चहल पहल शुरू हो गई। मंडी करीब सवा करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। मंडी में व्यापारिक कामकाज शुरू होने से मंगलवार से जिसों की आवक में बढ़ोतरी हो रही है।

दसअसल, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर मंडियों में यूजर चार्ज के विरोध में 22 अगस्त से व्यापारियों ने कारोबार बंद किया हुआ था। ऐसे में जरुरतमंद किसान जिसों के बेचान के लिए मंडी खुलने का इंजतार कर रहे है। रविवार शाम को राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की ओर से सोमवार से कृषि मंडियों के खोलने की घोषणा की गई।

मंडी में करोबार में होगा इजाफा

इसकी सूचना पर गांवों से किसाना का वाहनों से जिंसों को बेचान के मंडी आना शुरू हो गया। कृषि उपज मंडी व्यापार मंडल के महामंत्री सौरभ बंसल ने बताया कि मंडी में 2 हजार कट्टा सरसों, 15 कट्टा गेहूं, 300 कट्टा बाजरा और करीब 50 कट्टे चना की आवक हुई। व्यापारी महेश रावत, संजय बंडी भोला ने बताया कि मौसम खुलने के साथ मंडी में करोबार में इजाफा होगा।

पल्लेदारों को मिला काम, खिले चेहरे

तीन दिन से बिना काम के बैठे पल्लेदारों के मंडी खुलने से चेहरे खिल गए। किसानों के जिंसों के लेकर आने से उतराई, तुलाई, छनाई का काम मिलने से पल्लेदार खुश नजर आए। पल्लेदार तेजू, घनश्याम, डालू, विक्रम ने बताया कि मंडी खुलने से उन्हें दिहाड़ी मिलना शुरू हो गया।

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