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पुराने ढर्रे पर उतारा, ट्रेन सिग्नल रजिस्टर

ढाई माह से ठप पड़ा ऑन लाइन टीएसआर
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hindaun karauli news

पुराने ढर्रे पर उतारा, ट्रेन सिग्नल रजिस्टर

हिडौनसिटी.
चार माह पहले तकनीकि रूप से अपडेट हुआ रेलवे स्टेशन का ट्रेन सिग्नल रजिस्टर (टीएसआर) फिर से पुराने ढर्रे पर आ गया है। ढाई माह से ऑनलाइन टीएसआर ठप होने से ड्यूटी स्टेशन मास्टर को टे्रनों की आवाजाही का सिग्नल टाइम एक सदी पुरानी प्रक्रिया को अपना रजिस्टर में इंद्राज कर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि हाईटेक सिस्टम में रेलवे स्टेशन से टे्रनें महज दो माह ही दौड़ पाईं।


ेरेलवे सूत्रों के अनुसार भारतीय रेलवे में एक सदी से अधिक पुरानी बुकलेट टीएसआर सिस्टम के पेपरलैस कर फरवरी माह में हिण्डौनसिटी रेलवे स्टेशन पर ऑन लाइन टीएसआर सिस्टम की शुरुआत की गई थी। आठ फरवरी को पश्चिम-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक गिरीश पिल्लई ने रेलवे स्टेशन पर ऑनलाइन टीएसआर की शुरुआत की। कोटा मण्डल से आए तकनीकी अधिकारियों ने स्थानीय स्टेशन मास्टरों को टीएसआर के सॉफ्टवेयर में ऑन लाइन डाटा ऐंट्री कर सिग्नल टाइम रिकॉर्ड संधारण करने का प्रशिक्षण भी दिया था।

नई व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने पर ड्यूटी स्टेशन मास्टर कक्ष की कंट्रोल पैनल टेबल से बुकलेट रजिस्टर के अलविदा होने से पहले ऑन लाइन टीएसआर सिस्टम दो अप्रेल कोभारत बंद मेें हुए उप्रदव की भेंट चढ़ गया। भीड़ द्वारा उपकरणों को तोडफ़ोडऩे के बाद ऑन लाइन टीएसआर बंद ठप हो गया। ऐसे में पुराने रजिस्टर निकलवा कर स्टेशन मास्टरों को ट्रेनों की आवाजाही का रिकार्ड संधारण करना पड़ रहा है।


ढाई माह बाद में ही आए उपकरण-
उपद्रव के ढाई माह बाद भी रेलवे स्टेशन पर उपकरण व्यवस्थित नहीं किए गए हैं। ऐसे में ऑन लाइन टीएसआर सिस्टम बहाल नहीं हो पाया है। इस अवधि में रेलवे के जोन व मण्डल स्तरीय अधिकारियों ने स्टेशन आकर नुकसान का जायजा लिया। इसके बावजूद रेलवे ने तोडफ़ोड़ व आगजनी की भेट चढ़े उपकरण के स्थान पर नए उपकरण नहीं भिजवाए हैं।


क्या है टीएसआर-
रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान टे्रन आने, जाने, सिग्नल, समपार फाटक बंद करने व खोलने का समय स्टेशन मास्टर द्वारा इंद्राज किया जाता है। स्टेशन मास्टर को एक टे्रन की निकासी पर रजिस्टर में करीब दो दर्जन से अधिक कॉलमों में डाटा इंंद्राज करना पड़ता है। साथ ही कोटा में बैठे कंट्रोल को ट्रेन की आगमन और निकासी क सूचना देनी पड़ती है।

एनटीईएस पर सीधे अपलोड होती टे्रन लोकेशन-
ऑनलाइन टीएसआर सिस्टम में रेलवे स्टेशन से ही नेशनल ट्रेन इंक्वारी सिस्टम (एनटीईएस) पर ट्रेनों की जानकारी अपलोड होती है। जबकि ऑफ लाइन सिस्टम में स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों की जानकारी कोटा रेलवे कंट्रोलर के कम्प्यूटराईज्ड ट्रेन सिग्नलिंग के जरिए एनटीईएस पर अपलोड की जाती है।


उच्च अधिकारियों को कराया अवगत-
स्टेशन पर ऑन लाइन टीएसआर सिस्टम सुचारू कराने के लिए उच्चाधिकारियों को आवगत कराया दिया है। जल्द ही उपकरण आने की संभावना है।
-त्रिलोकचंद राजौरा, अधीक्षक
रेलवे स्टेशन हिण्डौनसिटी ।