
मिश्रित खेती से समृद्ध होगा किसान
हिण्डौनसिटी. समीप के एकोराशी गांव स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में दो दिवसीय उच्च उद्यानिकी तकनीक द्वारा फल सब्जी उत्पादन सेमिनार हुई। जिसमें मुख्य अतिथि जिला कलक्टर नन्नूमल पहाडिय़ा ने कहा कि मिश्रित खेती के माध्यम से किसान अपनी फसल का अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकते हंै।
सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन से शुरु हुए सेमिनार में कलक्टर ने किसानों से कहा कि प्राचीन संस्कृति में मानव सभी तत्वों को देवताओं की भांति पूजते थे। उनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता था, लेकिन वर्तमान में परिपेक्ष्य में मानव अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रकृति का हनन करने में लगा हुआ है। इसीका नतीजा है कि ऋतुकाल में भी परिवर्तन होने लगे हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक बीडी शर्मा ने कहा कि किसानों को फसलों के साथ मूल्य संवर्धन पर ध्यान देते हुए व्यापारिक तरीके अपनाने चाहिए। जिससे उनका आर्थिक आधार मजबूत बन सके। उन्होंने गेहंू उत्पादन कर आटा पैकिंग, दलहन पैदावार कर दालों की पैकिंग, अमरूद, ग्वार पाठा की फसलों की पैदावार कर बाजार से अच्छा मूल्य प्राप्त करने की जानकारी दी।
उद्यानिकी विभाग के सहायक निदेशक रामलाल जाट ने कृषि में आधुनिक तकनीक अपना कर मुनाफा कमाने की बात कही। उन्होंने किसानों को खेतों में खाली भूमि पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की करने की सलाह दी। इस दौरान संयुक्त निदेशक देशराज सिंह ने फल व सब्जी का उत्पादन कर खेती को मुनाफे का सौदा बनाने की बात कही।
सहायक निदेशक मोहनाल मीणा ने कहा कि भरतपुर संभाग में कुल 16 हजार 676 हेक्टेयर भूमि पर कृषक फल उत्पादन करते हंै। फलों से अच्छा मूल्य संवर्धन होता है। इसी के साथ उन्होंने फसलों में कीटनाशक पदार्थो के उपयोग से मानव स्वास्थ्य पर पडऩे बाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया। इससे पहले कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने अतिथियों का साफा,माला पहना कर व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
Updated on:
01 Feb 2019 02:12 pm
Published on:
01 Feb 2019 02:12 pm
