4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बच्चों को दूध पिला रही सरकार, डेयरी की सेहत में हो रहा सुधार

www.patrika.com/rajasthan-news/
2 min read
Google source verification
 hindaun karauli news

बच्चों को दूध पिला रही सरकार, डेयरी की सेहत में हो रहा सुधार

हिण्डौनसिटी.
सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए राजस्थान सरकार दूध पिला रही है, लेकिन बच्चों से ज्यादा डेयरी की सेहत में सुधार होने लगा है। सुनने में भले ही अटपटी लगे, लेकिन राजस्थान के हिण्डौन में स्कूली बच्चों के दूध पीने से सरकार की सरस डेयरी पुष्ठ हो रही है।


सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में दूध शामिल करने से सरस डेयरी मे दूध की खपत से बढऩे से आय में इजाफा हुआ है। इससे डेयरी की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। जिले के राजकीय विद्यालय में दुग्ध योजना शुरू होने से डेयरी को हर रोज एक लाख ९० हजार रुपए की आय हो रही है।


यहां करौली मार्ग स्थित सरस डेयरी में महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों द्वारा दूध की आपूर्ति की जाती है। बारिश के सीजन में समितियों से करीब १० हजार लीटर दूध की आपूर्ति हो रही है। जिले के बाजार में निजी डेयरियों के हावी होने से सरस डेयरी का महज ६ हजार लीटर दूध आम तौर पर विपणन हो पाता है।

ऐसे में डेयरी प्रबंधन द्वारा शेष रहे दूध को दो- तीन दिन इकट्ठा कर ट्रक-टेंकर से जयपुर व अलवर डेयरी में भेजा जाता रहा है। डेयरी सूत्रों के अनुसार दो जुलाई से शुरु हुई राजकीय विद्यालयों में अन्नपूर्णा दूध योजना में सरस डेयरी के दूध की आपूर्ति के लिए अधिकृत किया गया। इससे डेयरी में ५-६ हजार लीटर दूध की दैनिक खपत बढ़ी है। इससे डेयरी को प्रतिदिन करीब दो लाख रुपए रुपए की आय के नया स्रोत मिल गया है।


वितरकों के जरिए होती आपूर्ति
सरस डेयरी द्वारा जिले मेंं स्कूलों को सीधे तौर पर आपूर्ति नहीं दी जा रही है। आपूर्ति के लिए डेयरी के वितरकों द्वारा ही संबंधित क्षेत्र के स्कूलों में मांग के अनुसार दूध भेजा जाता है। साथ ही वितरकों द्वारा ही विद्यालयों से बाजार भाव पर दूध की राशि लेकर डेयरी में भुगतान किया जाता है। डेयरी से जटनगला के जवाहर नवोदय विद्यालय में १२० लीटर दूध की सीधी अपूर्ति की जाती है।


टोण्ड दूध का बढ़ा उत्पादन
डेयरी के स्थानीय प्रभारी ओपी वर्मा ने बताया कि पहले डेयरी में गोल्ड श्रेणी का दूध अधिक पैक होता था। दूध योजना से टोण्ड श्रेणी के दूध की मांग बढ़ गई है। फिलहाल करीब ६ हजार लीटर टोण्ड दूध को पॉलीपैक किया जा रहा है।


बढ़ेगी आय, मिलेगी मजबूती
काफी विद्यालय ग्रामीणों से खुला दूध लेे रहे हैं। अभी डेयरी से दूध की आपूर्ति और बढऩे की उम्मीद है। दूध बढ़ेगा तो आय भी बढ़ेगी। डेयरी को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
ओपी वर्मा स्थानीय प्रबंधक, सरस डेयरी हिण्डौनसिटी