
जगर बांध का जलस्तर घटा
करौली। 28 साल के लम्बे अरसे के बाद लबालब हुए जगर बांध में जल स्तर में गिरावट आ रही है। आठ माह में बांध के जलभराव गेज में 8 फीट की कमी आई है। यानी मोरी पर लगे गेज पर प्रति माह करीब एक फीट जल स्तर गिर रहा है। बांध की नहरें सूखी पड़ी है। वहीं डाउन स्ट्रीम में जलभराव और पानी के बहाव से क्षेत्र के लोग चिंतित हैं। लोगों को आशंका है बांध में जल स्तर की यूं ही गिरावट रही तो पानी काफी कम रह जाएगा।
दरअसल मानसून सीजन में लगातार दो वर्ष से क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से करौली जिले के जगर बांध में भी पानी की खूब आवक हुई थी। वर्ष 2024 में कैचमेंट क्षेत्र में 1219 मिमी बारिश होने से 30.6 फीट भराव क्षमता के बांध में सितम्बर माह में 28.4 फीट जल भराव हो गया। क्षेत्र के किसान कई वर्षों तक जल संकट खत्म से राहत का संबल बंध गया। लेकिन बांध में वेस्टबेयर वॉल में जलभराव होने से सीपेज (रिसाब) शुरू हो गया।
बांध की डाउन स्ट्रीम में तालाब के मानिद जलभराव होने के साथ जगर नदी में पानी की आवक हो रही है। बांध में वर्तमान में 22.2 फीट जलभराव है। लेकिन दूसर मानसून सीजन आने से पहले की जल स्तर में गिरावट से बांध में 18 फीट पानी रह गया था। बीते वर्ष भी अच्छी बारिश होने से अगस्त माह के अंत में ही बांध भर गया और 2 सितम्बर को बांध की वेस्ट वेयर से करीब ढाई इंच की चादर बह निकली। 14 दिन चली चादर के बंद होने के बाद भी डाउन स्ट्रीम में पानी की आवक बंद नहीं हुई है।
आठ माह बीतने के बाद भी बांध की डाउन स्ट्रीम से पानी का बहाव जारी है। बांध क्षेत्र के पास के निवासी नगर परिषद के नेता प्रतिपक्ष रहे दिनेश चंद सैनी ने बताया कि जलभराव के बाद से बांध की ओर से नदी में पानी की आवक हो रही है। पानी जगर नदी में कई किलोमीटर दूर बयाना मार्ग सडक तक पानी पहुंच गया है। इधर जल संसाधन विभाग के अभियंताओं का कहना कि बांध में 20 फीट से अधिक भराव होने पर वेस्टवेयर वॉल के फिल्टर पानी का सीपेज होता है। पानी का दबाव कम होने से सीपेज में धीरे-धीरे कमी हो जाएगा।
बांध की डाउन स्ट्रीम में पानी के जगर नदी की ओर बहने से कई गांवों के रास्ते की सीमेट सड़क कटकर टूट गई है। करसौली व नागरिया का पुरा के बीच नदी के तरफ सड़क के आधे से अधिक हिस्सा नीचे मिट्टी में कटाव होने से ढह गया गया। जर्जरहाल सड़क वाहनों के निकलने से दुर्घटना की आशंका रहती है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार ड्रिप योजना में पूर्व में जगर बांध के केन्द्रीय जल शक्ति विभाग के प्रस्ताव भेजे थे। बीते दिनों प्रस्तावों को फिर से भेजा गया है। डीपीआर में जगर बांध के विकास और नवीनीकरण कार्यों को शामिल किया है। स्वीकृति व बजट मिलने पर बांध पर कार्य कराए जाएंगे। पाल और वेस्ट बेयर सुदृढ़ीकरण कार्य किया जाएगा। इससे सीपेज भी नियंत्रित होगा।
| वर्ष | बारिश (मिमी) | अधिकतम जल भराव | जून में जल स्तर |
|---|---|---|---|
| 2020 | 454 | 9.2 फीट | सूखा |
| 2021 | 555 | 17.3 फीट | 3 फीट |
| 2022 | 619 | 14.8 फीट | 1 फीट |
| 2023 | 411 | 10.6 फीट | सूखा |
| 2024 | 1219 | 28.4 फीट | 18 फीट |
| 2025 | 940 | 30.6 फीट | 22.9 फीट |
डाउन स्ट्रीम में पानी का बहाव फिल्टर के सीपेज के कारण हो सकता है। जो सामान्य बांधों में आम तौर पर होता है। हाल ही में इंचार्ज के तौर पर कार्य संभाला है। मौका स्थिति देख कर कार्य किया जाएगा।
-विपिन कुमार मीणा, प्रभारी सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग, हिण्डौनसिटी
Published on:
09 Jun 2026 12:47 pm
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