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राजस्थान के करौली की कॉलेज में पढ़ाई ठप,विद्यार्थी बेहाल, नगरपरिषद में भी कर्मचारी गायब,चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद बेहाल सरकारी कार्यालय

rajasthan patrika hindi.com
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करौली

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Vinod Sharma

Nov 26, 2018

Karauli Only after getting the Code of Conduct of the Assembly electio

राजस्थान के करौली की कॉलेज में पढ़ाई ठप,विद्यार्थी बेहाल, नगरपरिषद में भी कर्मचारी गायब,चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद बेहाल सरकारी कार्यालय


करौली. विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद ही करौली जिला मुख्यालय के सरकारी कार्यालयों के हाल-बेहाल हो गए हैं। सोमवार को राजस्थान पत्रिका की टीम ने करौली के राजकीय पीजी महाविद्यालय व नगरपरिषद कार्यालयों का जायजा लिया। इस दौरान महाविद्यालय में पढ़ाई ठप मिली, वहीं नगरपरिषद के कुछ कर्मचारी गायब मिले। जिससे चुनाव के समय आमजन का कामकाज बाधित हो रहा है। सुबह 10 बजे पत्रिका की टीम नगरपरिषद कार्यालय पहुंची, जहां तीसरी मंजिल पर अभियंताओं के कमरे बंद पड़े मिले, कुर्सियों की सफाई तक नहीं हुई। अधिशासी अभियंता आयुक्त के पास थे तथा उनके कक्ष में एक संविदा कर्मचारी काम कर रहा था। इसके अलावा सहायक, कनिष्ठ अभियंता तथा कर्मचारी परिषद में नहीं आए। दूसरी मंजिल के कार्यालय परनगरपरिषद आयुक्त काम कर रहे थे। लेकिन उनके सामने के कक्ष में कर्मचारी मौजूद नहीं थे। आयुक्त ने बताया कि कुछ कर्मचारी चुनाव की व्यवस्था में लगे हैं। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के कार्यालय में तीन संविदा कर्मचारी मौजूद थे,शेष के बारे में बताया कि वे फील्ड में है। लेकिन फील्ड में कहा पर है। इसके बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी।
पढ़ाई बंद, बातचीत कर समय निकालती व्याख्याता
इसके बाद लगभग 11 बजे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पहुंचे, वहां पर प्राचार्य के कक्ष के सामने व्याख्याता आपस में बातचीत कर रही थी। महाविद्यालय के विज्ञान, कॉमर्स, कला संकाय की क्लासों का जायजा लिया। एक भी संकाय की क्लास नहीं चल रही थी। क्लासों में ताला लगा होने के साथ परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ था। इसी दौरान परिसर में तीन-चार छात्राएं आई, छात्राओं ने बताया कि महाविद्यालय में अधिकतर समय पढ़ाई नहीं हो पाती है, द्वितीय वर्ष की क्लास तो लगती ही नहीं है। छात्राओं की शिकायत पर महाविद्यालय प्रबंधन ध्यान नहीं देता है। इस कारण छात्र-छात्राओं की संख्या महाविद्यालय में कम रहने लगी है। छात्राओं को पत्रिका से बात करता देख प्राचार्य लक्ष्मीचंद मीना आए, मीना ने बताया कि अभी चुनाव में सहायक आचार्यों को लगा दिया गया है। वे चुनाव ड्यूटी निभा रहे हैं। कॉलेज को जिला प्रशासन ने चुनाव के लिए अधिग्रहण कर लिया है तो पढ़ाई कैसे हो।
कॉलेज में फोर्स व कर्मचारियों का जमावड़ा
राजकीय महाविद्यालय के अधिग्रहण के बाद पढ़ाई ठप हो गई है। महाविद्यालय के कुछ कमरों में फोर्स ठहरी हुई है। इसके अलावा अनेक कमरों को चुनाव व्यवस्था में ले लिया है। इन सबके बाद भी महाविद्यालय प्रबंधन ने विज्ञान संकाय तक की पढ़ाई कराने की व्यवस्था अलग से नहीं की है। विज्ञान की पढ़ाई नहीं होने से विद्यार्थी अधिक परेशान है।