
राजस्थान के करौली में सोमवार को करौली-मंडरायल मार्ग स्थित डूंडापुरा मोड़ के पास बोलेरो और ट्रक की टक्कर हो गई थी। इसमें 2 बच्चों व 6 महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई थी। 4 लोग घायल हुए थे। बोलेरो में सवार लोग कैला देवी के दर्शन करके लौट रहे थे। मृतकों में से 6 लोग और घायलों में से 2 लोग मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के रहने वाले थे। इसके अलावा 3 मृतक करौली के खिरकन गांव के रहने वाले थे।
हादसे में मृतकों के परिजनों ने शवों के पोस्टमॉर्टम से पहले जमकर विवाद किया। मंगलवार सुबह करीब 7 बजे मुआवजे की मांग पूरी नहीं होने पर पोस्टमॉर्टम कराने से परिवार वालों ने इनकार कर दिया। जिसके बाद मंडरायल के तहसील महेंद्र गुप्ता, करौली सदर थाना अधिकारी योगेश शर्मा मंडरायल डीएसपी अनुज शुभम, करौली एडीएम राजवीर सिंह चौधरी और श्योपुर के विजयपुर तहसील के एसडीएम वीएस श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे थे। इन अधिकारियों ने परिवार वालों को समझाने का प्रयास किया हालांकि सफल नहीं हो सके।
आखिरकार मुआवजा नहीं देने की स्थिति में परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। जिसके बाद प्रशासन ने 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। राजस्थान के 2 मृतकों के परिवार को राजस्थान सरकार और एमपी के 7 मृतक के परिवार वालों को एमपी सरकार 4-4 लाख रुपए देगी। राजस्थान सरकार 2 घायलों को 20-20 हजार रुपए देगी। अन्य सरकारी सहायता का लाभ भी दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
Published on:
02 Jul 2024 03:31 pm
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