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2 साल पहले जिस 3 दरवाजा तालाब के फटने से करौली में आई थी बाढ़, उसकी अभी तक नहीं हुई मरम्मत, न ही पीड़ितों को कोई मुआवजा मिला

विडंबना देखिए न मरम्मत हुई न मुआवजा मिला, तालाब टूटने से हुआ था लाखों का नुकसान...
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करौली

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Vijay ram

Jun 23, 2018

2 साल गुजर गए, जब निचली करौली हो गई थी पानी-पानी, 1700 घरों पर आफत बन टूट पड़ी थी कुदरत की कारस्तानी

2 साल गुजर गए, जब निचली करौली हो गई थी पानी-पानी, 1700 घरों पर आफत बन टूट पड़ी थी कुदरत की कारस्तानी

करौली.
यहां करीब 2 साल पहले जिस तीन दरवाजा तालाब के क्षतिग्रस्त होने से करौली में बाढ़ की नौबत आई थी, उसकी अभी तक ना मरम्मत हुई है और ना ही पीडि़तों को मुआवजा मिला है।

बारिश का मौसम नजदीक आते ही तालाब के निकट दलित बस्ती के लोगों की धड़कनें फिर से बढ़ गई है। तेज बारिश से फिर बाढ़ के हालात बनने और नुकसान की आशंका है।

गौरतलब है कि 16 जुलाई २०१६ को करौली में २४६ एमएम बारिश एक साथ हुई थी। इस बारिश से तीन दरवाजा तालाब क्षतिग्रस्त हुआ और शहर में पानी की आवक सेे लाखों का नुकसान हुआ था। नुकसान के दो दिन बाद जायजा लेने पहुंचे तत्कालीन जिला प्रभारी मंत्री, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, नगरपरिषद सभापति ने बाढ़ की स्थिति पर ङ्क्षचता जताई थी और आश्वासन दिया था कि तीन दरवाजा तालाब की मरम्मत २० लाख रुपए की लागत से कराई जाएगी।

दो साल गुजरे हैं लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई।
१७०० से अधिक घरों में नुकसान, मुआवजा किसी को नहीं
दो साल पहले बाढ़ का हालात से करौली जिला मुख्यालय पर लगभग 1700 घरों में नुकसान का आंकलन नगरपरिषद ने किया था। इसकी रिपोर्ट नगरपरिषद ने जिला प्रशासन को भेजी। लोगों ने मुआवजे के लिए आवेदन परिषद कार्यालय में जमा कराए तथा जिला कलक्टर से लेकर राज्य सरकार स्तर पर अनेक बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

यूं रहेगा बाढ़ का खतरा
यहां तीन दरवाजा तालाब में पातरी, डंगरिया, सोलंकी बस्ती डंगरिया तथा सैलोकर क्षेत्र से पानी की आवक होती है। एक साथ पानी आने पर बाढ़ का खतरा है। पहले पाळ से पानी रुक जाता था, लेकिन दो साल से पाळ ही क्षतिग्रस्त है। ऐसे में अगर पानी की फिर एक साथ आवक हुई तो तालाब का पानी कोली बस्ती, वाल्मीकि बस्ती, बग्गीखाना, होली खिड़किया, राधेश्याम विवाह स्थल, अशोक वाटिका से हाथीघटा तक क्षेत्र में फिर से नुकसान की आशंका है। इसी आशंका को लेकर इस इलाके के लोग चिंतिंत है।

हालात के जस के तस
तीन दरवाजा तालाब की मरम्मत नहीं होने से हालात जस के तस है। नगरपरिषद, जिला प्रशासन से अनेक बार गुहार लगाई गई। लेकिन तालाब की मरम्मत नहीं की गई है। पीडि़तों को मुआवजा भी नहीं मिला है।
— दीपक शाक्यवार पार्षद।

कोई सुनवाई नहीं
बाढ़ पीडि़तों की सरकार ने अभी तक सुनवाई नहीं की है। तालाब की मरम्मत नहीं होने से फिर से बाढ़ आने की आशंका से लोग भयभीत हैं।
— नानगी देवी।

हालातों पर नजर
बाढ़ राहत के बजट से तीन दरवाजा तालाब की मरम्मत कराने का प्रस्ताव कलक्टर के पास भेजा गया, लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली। अब वैकल्पिक प्रबंध किए जाएंगे, जिससे अधिक बारिश से लोगों को नुकसान नहीं पहुंचे।
— राजाराम गुर्जर सभापति नगरपरिषद करौली।
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