
बोले यहां के लोग मनमानी करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ हो दण्डात्मक कार्रवाई,अस्पताल की अव्यवस्था व आर्थिक शोषण पर लोगों ने जताई नाराजगी
करौली. स्थानीय राजकीय सामान्य अस्पताल की अव्यवस्था व मरीजों के आर्थिक शोषण के मामले पर शहर के प्रमुख लोगों ने शुकवार को राजस्थान पत्रिका के टॉक:शो में नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई अमल में सरकार को लेनी पड़ेगी साथ ही उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिघियों का बहिष्कर करना पड़ेगा। लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही चिकित्सकों की मनमानी, अप्रशिक्षित स्टॉफ व जांच के नाम पर मरीरजों के आर्थिक शोषण पर खुलकर विचार रखे। उन्होंने समस्याओं के समाधान के सुझाव देकर जिला कलक्टर व पीएमओ से मिलने की बात भी कही। टॉक-शो करौली के कनक पैलेस में हुआ।
चिकित्सकों के घर पर चलने वाले क्लीनिकों से शोषण
टॉक-शो की शुरुआत में सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेन्द्र शर्मा ने कहा कि गत दिनों से राजस्थान पत्रिका में डेंगू बुखार की जांच का मुद्दा चल रहा है, डेंगू की जांच सरकारी अस्पताल की इलाइजा मशीन से संभव है। निजी क्लीनिकों पर डेंगू की जांच रिपोर्ट मान्य ही नहीं हो तो चिकित्सको द्वारा जांच करना गलत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामले पर शासन के अधिकारियों को एक्शन लेना पड़ेगा। राजेन्द्र सारस्वत ने कहा कि जब तक चिकित्सकों के घरों पर चलने वाले क्लीनिक व मेडिकल दुकानों को बंद नहीं कराया जाएगा, तब तक मरीजों का आर्थिक शोषण होगा। आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन के इशारे पर मरीजों का खुलेआम शोषण किया जाता है। भाजपा के देवेन्द्र चतुर्वेदी ने कहा कि २०-२० साल से चिकित्सक एक ही स्थान पर जमे हैं, जिन्हें नेताओं का संरक्षण है। इस कारण नेता चिकित्सकों की मनमानी के खिलाफ कभी नहीं बोलते। बसपा ने नेता जिलाउल्ला खान बोले कि अस्पताल में मरीजों की भर्ती के लिए पर्याप्त पलंग तक नहीं है। आउटडोर मे मरीजों को बैठने की व्यवस्था की जाए ।
जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं होती
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश शर्मा ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की हठधर्मिता से मरीजों का जांच के नाम पर शोषण होता है। उन्होंने कहा कि भामाशाह योजना में उपचार के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े की जांच की गई, चिकित्सक को लापरवाह माना गया। लेकिन अभी तक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। शर्मा ने मनमानी करने वाले चिकित्सकों को संरक्षण देने वाले नेताओं का बहिष्कार करने को कहा। अम्बेडकर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अमृतलाल छाबड़ा, भूपराम शर्ना, विपिन शर्मा, सुमित गर्ग ने कहा कि लपारवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से मरीजों का शोषण हो रहा है। उन्होंने मरीजों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दिलवाने की बात भी कही।
आउटडोर में बैठने के लिए पाबंद किया जाए
पार्षद दीपक शाक्यवार. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के जिलाध्यक्ष डॉ. सीएल मीना,भूरसिंह चौधरी, अफजाल कुरैशी, दक्ष प्रजापति विकास संस्थान के जिलाध्यक्ष रामेश्वर प्रजापति ने बताया कि अधिकतर चिकित्सक आउटडोर से गायब रहते है, जिससे मरीजों को मजबूरी में उनके घर दिखाना पड़ता है। सुधार के लिए चिकित्सक निर्धारित समय में आउटडोर में मरीजों का उपचार करे। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के घरों पर जांच केन्द्र चलते हैं। इस कारण वे आउटडोर में उपचार में लापरवाही बरतते हैं। कैमिस्ट पुष्पेन्द्र बंसल ने अस्पताल में काउंसर की जरूरत बताई।
संसाधन जुटाकर, स्टॉफ बढ़ाया जाए
ठेकेदार विजय शर्मा का कहना था कि अस्पताल की लैब पर अप्रशिक्षित स्टॉफ काम करता है साथ ही संसाधनों का अभाव है। देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि उनकी मां गत दिनों अस्पताल में भर्ती कराई गई, जिसकी वरिष्ठ नागरिक की पर्ची भी ठीक प्रकार से नहीं काट सके। सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द राय ने बताया कि सिलीकोसिस मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिलती है। युवक जितेन्द्र सिंह ने सोनोग्राफी मशीन को एमसीएच बिंग में शिफ्ट करने से निजी क्लीनिकों की मनमानी बढ़ेगी। हिन्दू सेना के प्रदेशाध्यक्ष साहब सिंह गुर्जर, करौली शिक्षा परिवार के संयोजक शान्तनु पाराशर, अध्यापक गंगाराम प्रजापति ने भी विचार रखे। आयुर्वेद चिकित्सक रमन लवानिया ने आयुर्वेद पद्वति से डेंगू रोग के उपचार के बारे में बताया। गैस एजेन्सी संचालक टीकाराम मीना ने कहा कि भष्ट्राचार करने वालों के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज कराया जाना चाहिए।
Updated on:
26 Oct 2018 09:01 pm
Published on:
26 Oct 2018 09:01 pm
